शिकायतों के बाद भी नहीं रुकी पेड़ों की कटान -वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

शिकायतों के बाद भी नहीं रुकी पेड़ों की कटान
-वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
मिल्कीपुर-अयोध्या। सरकार एक ओर हर वर्ष लाखों पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने का अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कुमारगंज वन रेंज क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि लकड़ी ठेकेदारों और वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से क्षेत्र में लगातार पेड़ों की कटान की जा रही है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों में नाराजगी है।
कुमारगंज वन रेंज अंतर्गत कुचेरा बीट के कुंभी में तीन पेड़, जिनमें नीम और चिलबिल के पेड़ शामिल हैं, काटे जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा राजकीय हाईस्कूल तरौली में आम का एक पेड़, देसी शराब ठेके के सामने महुआ का एक पेड़ और कुमारगंज रेंज कार्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर तेंधा में जामुन का पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये सभी कटान पिछले तीन दिनों के भीतर किए गए हैं। क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों और संभ्रांत लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायत करने के बाद भी वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लोगों ने वन दरोगा एवं क्षेत्र प्रभारी अखंड प्रताप सिंह पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। एक लकड़ी ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि एक पेड़ कटवाने के लिए कथित तौर पर 2500 से 3000 रुपये देने पड़ते हैं। शिकायत होने पर जुर्माने से बचने के लिए 5 से 6 हजार रुपये तक देने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी प्रभागीय वन अधिकारी अयोध्या प्रखर गुप्ता को भी दी। बुधवार शाम करीब 4.30 बजे उनसे कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि कार्रवाई हुई होगी, फिलहाल मामले को दिखवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। अब देखना है कि वन विभाग अवैध कटान के आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या मामला शिकायतों तक ही सीमित रह जाता है।

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