एयरफोर्स स्टेशन के ऊपर उड़ता नजर आया संदिग्ध ड्रोन
एफआईआर दर्ज, एयरपोर्ट रोड से सटी वायुसेना की परिधि के ऊपर 4 बार दिखा
प्रयागराज। बमरौली स्थित एयरफोर्स स्टेशन की परिधि सीमा के ऊपर एक अज्ञात ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई देने के बाद एयरफोर्स स्टेशन की ओर से एयरपोर्ट थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
एयरफोर्स स्टेशन बमरौली के स्टेशन सुरक्षा अधिकारी विंग कमांडर विकास वैभव की ओर से एयरपोर्ट थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक 5 सितंबर की रात करीब 1:28 बजे, 2 बजे, 2:10 बजे और 2:38 बजे एयरपोर्ट रोड से सटी वायुसेना की परिधि सीमा दीवार के ऊपर अज्ञात ड्रोन उड़ता हुआ देखा गया। संदिग्ध ड्रोन एक-दो बार नहीं, बल्कि करीब एक घंटे के अंतराल में चार अलग-अलग समय पर नजर आया।
एअरफोर्स स्टेशन के ऊपर ड्रोन की संदिग्ध गतिविधियां देख सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। लगातार अलग-अलग समय पर ड्रोन की मौजूदगी सामने आने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया और पुलिस को सूचना देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। रात के समय संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठान के ऊपर ड्रोन देखे जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ड्रोन कौन उड़ा रहा था और उसका मकसद क्या था। पुलिस अब ड्रोन के संचालक तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है।
ज्ञात हो कि एयरफोर्स स्टेशन की ओर से दी गई तहरीर में गृह मंत्रालय के एसओपी और ड्रोन नियम-2021 का हवाला देते हुए बताया गया है कि वायुसेना अड्डों की परिधि से तीन किलोमीटर तक का क्षेत्र ड्रोन संचालन के लिए प्रतिबंधित है। इस नो ड्रोन जोन में बिना संबंधित सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं है।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि एयरफील्ड के नजदीक बिना पूर्व अनुमति के देखा गया ड्रोन अनधिकृत माना जाएगा। इसी आधार पर एयरफोर्स अधिकारियों ने पुलिस से मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रोन कहां से उड़ाया गया था और इसे कौन संचालित कर रहा था। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा सकती है। इसके अलावा ड्रोन की दिशा, उड़ान के समय और संभावित संचालक की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जाएगी।
संवेदनशील सैन्य क्षेत्र के ऊपर एक ही रात में चार बार ड्रोन दिखाई देना जांच एजेंसियों के लिए अहम बिंदु है। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि यह महज नियमों का उल्लंघन था या ड्रोन उड़ाने के पीछे कोई सुनियोजित मकसद था।

