(न्यूयॉर्क)रूस ने यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया, बोला- पश्चिम को और सीटें नहीं

 

(न्यूयॉर्क)रूस ने यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया, बोला- पश्चिम को और सीटें नहीं

न्यूयॉर्क ,27 सितंबर। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को रूस का समर्थन मिला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधित करते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और स्थायी सदस्यता के लिए भारत तथा ब्राजील की उम्मीदवारी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधित्व को व्यापक बनाया जाना चाहिए।

लावरोव ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के नाम पर पश्चिमी देशों, विशेष रूप से जर्मनी और जापान को अतिरिक्त स्थायी सीटें देना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि रूस एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के पक्ष में है। उन्होंने स्थायी सीट के लिए भारत और ब्राजील की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए कहा कि सुधार प्रक्रिया में अफ्रीकी महाद्वीप के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को पुर्तगाल और मॉरीशस का भी समर्थन मिला है। मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने कहा कि उनका देश वैश्विक मामलों में भारत की रचनात्मक भूमिका को देखते हुए सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी के समर्थन को दोहराता है।

वहीं, पुर्तगाल ने भी सुरक्षा परिषद में संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता का समर्थन किया। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने अफ्रीका, ब्राजील और भारत को स्थायी प्रतिनिधित्व देने वाली अधिक प्रतिनिधि सुरक्षा परिषद की मांग की।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन पांच स्थायी सदस्य हैं। इन पांचों देशों को वीटो का विशेषाधिकार प्राप्त है। इसके अलावा 10 अस्थायी सदस्य होते हैं, जिनका कार्यकाल दो वर्ष का होता है।

सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में संशोधन करना होगा। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र के दो-तिहाई सदस्य देशों की मंजूरी और सभी पांच स्थायी सदस्यों का समर्थन भी जरूरी है।

सुरक्षा परिषद में सुधार के तहत भारत को स्थायी सदस्यता देने की मांग लंबे समय से उठती रही है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस अलग-अलग अवसरों पर भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन कर चुके हैं।

भारत के अलावा जापान और ब्राजील को भी सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता देने की मांग की जाती रही है। चीन पांच स्थायी सदस्यों में एकमात्र ऐसा देश है, जिसने अब तक भारत की स्थायी सदस्यता का स्पष्ट समर्थन नहीं किया

है।

००

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *