प्रेम भक्ति वैराग्य ज्ञान और परम तत्त्व से मिलन की पाठशाला है भागवत-बटुक महाराज
प्रयागराज। प्राचीन श्री दधिकांदो मेला कमेटी कृष्णानगर त्रिवेणी मार्ग कीडगंज के द्वारा श्री ज्ञान पुस्तकालय के प्रांगण में चल रहे भागवत कथा के छठें दिवस पर पूज्य बटुक महाराज ने श्रीकृष्ण की रासलीला पर व्याख्यान करते हुए कहा कि रासलीला भागवत की आत्मा है और
जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इसमें सांसारिक वासना या काम का कोई स्थान नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध प्रेम और भक्ति की पराकाष्ठा है। इसलिए प्रेम भक्ति वैराग्य ज्ञान और परम तत्त्व से मिलन की पाठशाला भागवत को कहा गया है ।
आज की कथा में कंस वध, रासलीला की प्रसंग का वर्णन किया गया। तत्पश्चात भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मणी का विवाह धूमधाम से मनाया गया।
मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि 6 अक्टूबर को भागवत कथा में सुदामा चरित्र, भगवान स्वाधाम गमन,परीक्षित मोह, का चरित्र का वर्णन किया जाएगा।
कथा की आरती मंहत यमुना पुरी महाराज, महापौर गणेश केसरवानी, पूर्व पार्षद सविता केसरवानी मनीष केसरवानी, अजय जायसवाल, रमन गुप्ता, राजेश केसरवानी, खन्ने सोनकर,अमरेश जायसवाल, कृष्णा साहू, अंकुश शर्मा, ईशू केसरवानी आदि सैकड़ो भक्तगणों ने आरती पूजन किया।

