पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास में संतुलन जरूरी : मुख्य सचिव एस.पी. गोयल

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास में संतुलन जरूरी : मुख्य सचिव एस.पी. गोयल

लखनऊ ( आरएनएस )। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल से वर्ष 2024 बैच के भारतीय वन सेवा के पांच प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ प्रदेश की सेवा करने का आह्वान किया।मुख्य सचिव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। उन्होंने टीम भावना के साथ कार्य करने और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।उन्होंने पर्यावरण एवं वन संरक्षण से जुड़े कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता बताते हुए पौधरोपण को बढ़ावा देने, वन क्षेत्रों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में जनभागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।मुख्य सचिव ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ विकास कार्यों में संतुलन बनाए रखना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। वन एवं पर्यावरण से जुड़े कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाते हुए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच समुचित संतुलन स्थापित किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अच्छा शासन वही है, जिसमें निर्णय पारदर्शी हों, कार्यों में जवाबदेही हो और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक कठिनाई के मिले। इस अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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