भव्यता, श्रध्दा, भक्ति भाव सें निकाली गई कर्ण घोड़े की शोभा यात्रा
लगभग 20 फीट ऊंचा कर्ण घोड़े को सच्चे मोतियों और लाइटिंग से सजाया गया
प्रयागराज। शनिवार पथरचट्टी रामलीला कमेटी द्वारा कर्ण घोड़े की शोभा यात्रा बड़े धूमधाम से निकाली गई। इससे पूर्व पहले वैदिक रीति और मंत्रोच्चार के साथ कर्ण घोड़े की पूजा अर्चना और आरती की गई। आरती प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी ने किया।
जय श्री राम के जयकारे के साथ शोभा यात्रा प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में दर्जनों डीजे और मनमोहन झांकियां अपने प्रदर्शन से श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर रहीं थीं। सड़क के दोनों साइड भक्त हाथ जोड़कर और फूलों की वर्षा करके दर्शन कर रहे थे।
कर्ण घोड़े को भगवान श्री राम का दूत माना जाता है। कथा है* कि लव -कुश ने महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में राम के अश्रृमेध यज्ञ घोड़े को बंधा था उसी की याद में या परंपरा चली आ रही है।
शोभा यात्रा हीवेट रोड स्थित राम मंदिर चमेली देवी धर्मशाला से प्रारंभ होकर कोठा पार्चा, बहादुरगंज, लोकनाथ, ठठेरी बाजार, घंटाघर, जॉनसेन गंज, बादशाही मंडी होते हुए रामलीला मैदान में समाप्त हुआ।
कोतवाली क्षेत्र की एसीपी निकिता श्रीवास्तव ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थी। कोतवाली इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह पूरे समय शोभा यात्रा को सकुशल संपन्न कराने में लगे हुए थे। शोभा यात्रा में विजय कुमार सिंह, रमेश कुमार जायसवाल, शेष नारायण द्विवेदी, धर्मेंद्र कुमार भैया जी, सतीश केसरवानी, दिनेश सर्राफा, विजय वैश्य, गोपाल जी, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, उमा लाल पांडे, राजेश वैश्य, मोहम्मद आमिर अकरम शगुन विधायक दर्जनों पार्षद समाजसेवी शोभा यात्रा में शामिल हुए।

