(यमन)चीनी पुर्जों से बैलिस्टिक मिसाइलें बना रहे हूती विद्रोही, सऊदी अरब और इजरायल की बढ़ी चिंता

(यमन)चीनी पुर्जों से बैलिस्टिक मिसाइलें बना रहे हूती विद्रोही, सऊदी अरब और इजरायल की बढ़ी चिंता

0-यमन के होदेइदाह बंदरगाह तक पहुंचाई जानी थीं मिसाइलों से जुड़े उपकरणों की दो खेप, जांच रिपोर्ट में खुलासा

यमन, 15 अक्टूबर। सऊदी अरब के साथ जारी संघर्ष के बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही चीन में निर्मित पुर्जों की मदद से अपनी बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता विकसित कर रहे हैं। संघर्ष आयुध अनुसंधान (कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च) की एक नई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोही इन पुर्जों का इस्तेमाल कर ऐसी मिसाइल प्रणाली विकसित करना चाहते हैं, जिससे सऊदी अरब और इजरायल में स्थित लक्ष्यों पर सटीक हमला किया जा सके। यह रिपोर्ट बुधवार, 14 अक्टूबर को जारी की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, यमनी अधिकारियों ने मिसाइल निर्माण से जुड़े संदिग्ध उपकरणों और पुर्जों से भरी दो खेप जब्त की हैं। सूत्रों के अनुसार, ये उपकरण चीन से भेजे गए थे और इन्हें यमन के उस होदेइदाह बंदरगाह तक पहुंचाया जाना था, जो हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि जब्त किए गए पुर्जे हूती विद्रोहियों को ईरान की ‘खेइबर शेकानÓ जैसी मिसाइल विकसित करने में मदद कर सकते हैं। यह लगभग दो हजार किलोमीटर तक मार करने में सक्षम सटीक निर्देशित बैलिस्टिक मिसाइल है। इस खुलासे से सऊदी अरब और इजरायल की सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि ऐसी क्षमता विकसित होने से क्षेत्र में मिसाइल हमलों का खतरा और गंभीर हो सकता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि जब्त की गई खेपों में मिसाइल निर्माण से संबंधित कई महत्वपूर्ण घटक शामिल थे। इनमें स्थिरता बनाए रखने वाले पंखों का केंद्रीय हिस्सा, नोजल जोड़ने वाले उपकरणों सहित रॉकेट मोटर का अंतिम आवरण और रॉकेट मोटर प्रज्वलित करने वाला उपकरण शामिल हैं।

इसके अलावा, खेप में फेनोलिक रेजिन नामक पदार्थ भी मिला है। इसका उपयोग मिसाइलों के लिए तापरोधी सुरक्षा आवरण बनाने में किया जाता है, जो वायुमंडल में उड़ान के दौरान अत्यधिक गर्मी से मिसाइल के हिस्सों की रक्षा करता है।

इस खुलासे से संकेत मिलता है कि हूती विद्रोही केवल विदेशों से मिलने वाले हथियारों और सैन्य उपकरणों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि मिसाइल निर्माण की अपनी क्षमता भी विकसित कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने यमन की सेना से जब्त किए गए पुराने हथियारों के आधार पर अपनी सैन्य क्षमताओं को उन्नत किया है।

हूती विद्रोही इजरायल सहित क्षेत्र के विभिन्न लक्ष्यों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले मानवरहित हवाई वाहनों का इस्तेमाल कर चुके हैं। ईरान लंबे समय से उनके लिए हथियारों के डिजाइन और पुर्जों का प्रमुख स्रोत रहा है। ईरान और उससे जुड़े समूहों पर हूतियों को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप भी लगते रहे हैं।

इस मामले पर वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने सीधे तौर पर टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन कर रहा है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि चीन सैन्य उपयोग और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर सावधानीपूर्वक नियंत्रण रखता है। दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं का इस्तेमाल नागरिक और सैन्य, दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।

चीन के सऊदी अरब और ईरान, दोनों के साथ महत्वपूर्ण आर्थिक संबंध हैं। वर्ष 2023 में चीन ने दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य बनाने में मध्यस्थता की थी। चीन ने हूती विद्रोहियों के हमलों की निंदा भी की है।

हूती विद्रोहियों की मिसाइल निर्माण क्षमता में संभावित वृद्धि ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। यदि वे उन्नत मिसाइल प्रणालियों के निर्माण और सटीक निशाना साधने की क्षमता हासिल कर लेते हैं, तो सऊदी अरब और इजरायल सहित क्षेत्र के अन्य देशों के लिए सुरक्षा चुनौतियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, जब्त किए गए पुर्जों से हूतियों की वास्तविक उत्पादन क्षमता कितनी बढ़ेगी, यह रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर अभी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।

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