राम मंदिर में दृष्टिबाधित लोगों के लिए सुगम रेलिंग का उद्घाटन

राम मंदिर में दृष्टिबाधित लोगों के लिए सुगम रेलिंग का उद्घाटन

-आईटीसी मंगलदीप की ‘हर भक्त श्री राम तक’ पहल के तहत 800 मीटर में लगाए गए ब्रेल पैनल

अयोध्या। आईटीसी मंगलदीप ने अपनी पहल ‘हर भक्त श्री राम तक’ के तहत अयोध्या राम मंदिर में दृष्टिबाधित श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग तैयार करने की परियोजना का पहला चरण आज पूरा कर लिया, जो सभी के लिए भक्ति को सुलभ बनाने के उसके संकल्प की शुरुआत है। इस पहल के तहत मंदिर परिसर में 800 मीटर लंबाई में स्पर्श-संवेदनशील और ब्रेल-सक्षम पैनल लगाए गए हैं, जिससे दृष्टिबाधित श्रद्धालु मंदिर परिसर में अधिक आसानी और स्वतंत्रता से रास्ता पहचान सकेंगे और सम्मान के साथ दर्शन कर सकेंगे। इस उद्घाटन के लिए दीपोत्सव का पावन दिन चुना गया।

इस सोच के साथ शुरू की गई यह पहल कि भक्ति का अनुभव हर किसी के लिए सुलभ होना चाहिए, टेक्नोलॉजी और सामूहिक आस्था को एक साथ लाती है। राम सेतु से प्रेरित डिजिटल पहल के रूप में तैयार ‘हर भक्त श्री राम तक’ के ज़रिए देशभर के श्रद्धालुओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी-अपनी भाषा में ‘राम’ लिखने का न्योता दिया गया। हर भागीदारी अयोध्या राम मंदिर में स्पर्श-संवेदनशील और ब्रेल-सक्षम मार्ग तैयार करने की सामूहिक कोशिश में एक प्रतीकात्मक योगदान थी। इस प्रयास से देशभर के 3.45 लाख यूज़र्स जुड़े और उनकी डिजिटल भागीदारी ने मंदिर परिसर में 800 मीटर के दायरे में ब्रेल-सक्षम पैनल लगाने के पहले चरण को संभव बनाने में सहयोग दिया।

मंदिर परिसर में लगाए गए ये पैनल स्पर्श और ब्रेल के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे दृष्टिबाधित श्रद्धालुओं को रास्ता पहचानने और अधिक स्वतंत्र रूप से दर्शन करने में मदद मिलेगी। मंदिर की मौजूदा व्यवस्था में सुगमता को शामिल करने की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दृष्टिबाधित श्रद्धालु भी पूरे आत्मविश्वास और सम्मान के साथ इस पवित्र स्थल का अनुभव कर सकें। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर श्रद्धालुओं की इस सामूहिक भागीदारी को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाते हुए, मंगलदीप ने उद्घाटन के दिन हर डिजिटल भागीदारी के साथ सरयू घाट पर एक दीया भी प्रज्वलित किया। इस पहल के तहत 1.5 लाख दीये जलाए गए, जिससे देशभर के श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत आस्था भक्ति के एक सामूहिक उत्सव में बदली।

इस पहल पर बात करते हुए, रोहित डोगरा, डिविजनल सीईओ, मैचेस एंड अगरबत्ती डिविजन, आईटीसी ने कहा, “मंगलदीप में हमारा मानना है कि भक्ति का अनुभव हर किसी के लिए सुलभ होना चाहिए और हर व्यक्ति को इसमें शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह दुनिया को किसी भी तरह से अनुभव करता हो। ‘हर भक्त श्री राम तक’ के ज़रिए हमने टेक्नोलॉजी और सामूहिक भागीदारी को एक सार्थक उद्देश्य से जोड़कर इसी सोच को साकार करने का प्रयास किया है। अयोध्या राम मंदिर में स्पर्श-संवेदनशील और ब्रेल-सक्षम पैनल लगना पहले चरण की पूर्णता का प्रतीक है। यह दृष्टिबाधित श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के अनुभव को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। देशभर के श्रद्धालुओं की उत्साहजनक भागीदारी दिखाती है कि आस्था किस तरह लोगों को एक साझा उद्देश्य के लिए जोड़ सकती है। हमने पहले चरण के उद्घाटन के लिए दीपोत्सव का दिन चुना और हमें गर्व है कि हम भक्ति को सभी के लिए सुलभ बनाने के इस संकल्प की शुरुआत कर रहे हैं।”

यह पहल अयोध्या के साथ आईटीसी मंगलदीप के निरंतर जुड़ाव को आगे बढ़ाती है। इससे पहले, मंगलदीप ने ‘खुशबू पथ’ के ज़रिए भक्तिमय सुगंध से उत्सव के माहौल को खास बनाया था। वहीं, ‘डिजिटल दीपोत्सव’ के तहत 1.3 लाख से अधिक डिजिटल दीयों को अयोध्या में वास्तविक दीयों के रूप में प्रज्वलित किया गया था। ‘हर भक्त श्री राम तक’ के साथ मंगलदीप इस जुड़ाव को आगे बढ़ाते हुए टेक्नोलॉजी, सामूहिक आस्था और सामाजिक समावेश को एक साथ ला रहा है। यह पहल हर व्यक्ति के लिए भक्ति के अनुभव को अधिक सुलभ और सार्थक बनाने की मंगलदीप की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *