भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों को अपनाने का संदेश
देश की उपासना समाचार पत्र
मुंबई ब्यूरो चीफ – धनन्जय विश्वकर्मा
मुंबई/वसई। दीपावली के पावन अवसर पर राम सेना संस्था की ओर से समस्त देशवासियों को सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। संस्था के पदाधिकारियों ने लोगों से दीपावली का पर्व प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता के साथ मनाने की अपील की। साथ ही भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पारिवारिक संस्कारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संदेश दिया।
वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के बालिवफाटा के समीप स्थित लक्ष्मी इंडस्ट्रियल स्टेट में भगवान शिव के मंदिर प्रांगण में राम सेना संस्था की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता सुनील सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर दीपावली के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। तभी से दीपावली का पर्व प्रकाश, विजय और खुशियों के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
हिंदू संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता सुनील सिंह ने कहा कि हिंदू संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करना हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। बच्चों को बचपन से ही नैतिक मूल्यों, धार्मिक ग्रंथों और भारतीय संस्कृति की जानकारी देना आवश्यक है। भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन से मर्यादा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सदाचार की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने लोगों से अपने धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करने तथा उनसे मिलने वाली अच्छी शिक्षाओं को समाज के बीच साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने दीपावली के अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बढ़ाने की अपील भी की।
परिवार और सामाजिक एकता का दिया संदेश
वसई शहर अध्यक्ष राजेश सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि राम सेना का उद्देश्य लोगों को एकजुट करना, भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेना तथा आपसी सम्मान और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सहायता कर उन्हें भी संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि समाज में एकता और सहयोग की भावना मजबूत हो सके।
उन्होंने बदलते डिजिटल दौर में बच्चों और परिवार के बीच घटते संवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करने, माता-पिता की सेवा करने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को समझने की सीख भी देनी चाहिए।
महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी, पदाधिकारियों का हुआ सम्मान
बैठक में महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान राम सेना के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे का सम्मान किया तथा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उपस्थित महिलाओं एवं सदस्यों ने आपसी संवाद के माध्यम से संगठन को मजबूत बनाने और एकजुट होकर सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का संकल्प व्यक्त किया।
ये पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम में राम सेना के संस्थापक अधिवक्ता सुनील सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलाम सिंह, इन्द्रेश यादव, वसई शहर अध्यक्ष राजेश सोनी, उपाध्यक्ष सुनील शर्मा, किशोर भोईर, दिलीप विश्वकर्मा, चंद्रेश मौर्य सहित अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
दीपावली पर दिया प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश
बैठक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पारिवारिक संस्कारों को प्रोत्साहित करना तथा समाज के लोगों के बीच आपसी सहयोग और संगठन की भावना को मजबूत करना रहा।
अंत में राम सेना के पदाधिकारियों ने समस्त देशवासियों, समाज के लोगों एवं संगठन के सदस्यों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए। दीपों का यह पावन पर्व हर घर में खुशियों का उजाला लेकर आए और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा एकता की भावना सदैव बनी रहे।
राम सेना परिवार की ओर से आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलमय दीपोत्सव!

