बुजुर्ग दंपती को जिंदा जलाने के लिए झोपड़ी में लगाई आग, दोनों झुलसे, जलकर मर गईं बकरियां

रायबरेली के डीह थाना क्षेत्र में तालाब के किनारे रह रहे दंपती को जिंदा जलाने के लिए कुछ लोगों ने झोपड़ी में आग लगा दी। झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी और अंदर धुआं भर गया तो दंपती ने चीख पुकार मचाई। चलने फिरने से लाचार पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई। उसे बचाने में पति भी जल गया।

ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई और दंपती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दंपती की बेटी ने गांव के दो लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। झोपड़ी में आग से दो बकरियां जल कर मर गईं और खाने पीने का सामान जलकर राख हो गया।

ग्राम पूरे लोकई मजरे मऊ गांव निवासी सूरजपाल (65) अपनी पत्नी धनपता (60) के साथ गांव के बाहर तालाब के किनारे 20 वर्ष से झोपड़ी बना कर रह रहा है।  मंगलवार की रात दंपती झोपड़ी में लेटे थे तभी गांव के ही बद्री प्रसाद और  मेवालाल ने दंपती को मारने की नियत से झोपड़ी में आग लगा दी,   जिससे दोनो झुलस गए और आग से झोपड़ी में रखा 10 बोरी अनाज जल गया।

झोपड़ी में बंधी दो बकरी भी जलकर मर गयीं। इलाज के लिए रखा 7000 रुपया भी जल गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने झुलसे दंपती को इलाज के लिए सीएचसी डीह भेजा जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

पीड़ित दंपती की पुत्री निर्मला ने तहरीर देकर पुलिस को बताया कि जहां पर झोपड़ी रखी है उसी जमीन को लेकर विपक्षियों से विवाद चल रहा है। इसी के चलते जान से मारने की नीयत से उन्होंने झोपड़ी में आग लगाई। निर्मला की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही बद्री प्रसाद और मेवा लाल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष पंकज सोनकर ने बताया कि मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *