चंद्रिका कुमारतुंगा ने राजपक्षे परिवार पर साधा निशाना, बोलीं- उन्हें लगता था कि वे देश के मालिक हैं

श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने श्रीलंका के आर्थिक संकट के लिए राजपक्षे परिवार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के शासनकाल में लिए गए फैसलों और कामों की वजह से आज देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि राजपक्षे परिवार और उनके दोस्तों को लगता है कि वे देश और इसकी संपत्ति के मालिक हैं और कुछ भी कर सकते हैं।

श्रीलंका की पहली और एकमात्र महिला राष्ट्रपति कुमारतुंगा ने कहा कि देश के आर्थिक संकट के लिए न केवल राजपक्षे बल्कि उनके आसपास के सरकारी प्रतिनिधियों, उनके दोस्तों और सहयोगियों को भी दोषी ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने ये बयान बट्टारामूला में नवा लंका फ्रीडम पार्टी के नए कार्यालय के उद्घाटन के दौरान दिया। नवा लंका फ्रीडम पार्टी का नेतृत्व पूर्व मंत्री और कलुतारा जिला सांसद कुमारा वेलगामा कर रहे हैं।

कुमारतुंगा ने इस मौके पर बोलते हुए गोटबाया राजपक्षे और 2005 के बाद देश पर शासन करने वाले नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन लोगों को लगता था कि वे देश और इसकी संपत्ति के मालिक हैं। उनको लगता होगा कि वे जो चाहते हैं वो कर सकते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा किअगर किसी ने उनकी कार्रवाई पर आपत्ति जताई तो उन्हें मार दिया गया। बता दें कि चंद्रिका कुमारतुंगा नवंबर 1994 से नवंबर 2005 तक श्रीलंका की पांचवीं राष्ट्रपति थीं।

गौरतलब है कि श्रीलंका की राजनीति में राजपक्षे परिवार ने दो दशकों से ज्यादा समय से अपना वर्चस्व स्थापित कर रखा था। राजपक्षे परिवार में 76 वर्षीय महिंदा राजपक्षे देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वहीं, गोटबाया राजपक्षे पूर्व राष्ट्रपति थे। उनके अलावा 71 वर्षीय तुलसी राजपक्षे देश के पहले वित्त मंत्री थे। वहीं, चमल राजपक्षे 2010 से 2015 तक देश के सिंचाई मंत्री और संसद के अध्यक्ष थे।वहीं,  महिंदा के सबसे बड़े बेटे नमल राजपक्षे 2020 से 2022 तक युवा और खेल मंत्री थे।

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