एसकेडी एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया बैसाखी पर्व

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। गुरुवार को राजधानी के एसकेडी ग्रुप ऑफ कॉलेज/स्कूल में बैसाखी व डॉ० अंबेडकर की 132वीं जयंती धूमधाम मनाई गई। साथ ही बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में कार्यक्रम पेश किए।

इस मौके पर एसकेडी ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन एसकेडी सिंह जी ने डॉ अंबेडकर की चित्र पर माल्यार्पण किया और अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले विधि व न्याय मंत्री न केवल भारतीय संविधान के जनक थे बल्कि भारतीय गणराज्य के निर्माताओं में से एक थे। उनके द्वारा देश हित में किए गए कार्यों के कारण उन्हें 1990 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनके साथ छुआछूत का व्यवहार होने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहें। उन्होंने अछूतों की शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें ऊपर उठाने के हर संभव प्रयास किए। इसके लिए उन्होंने कई पत्रिकाएं भी निकाली जिसमें बहिष्कृत भारत, समता व प्रबुद्ध भारत प्रमुख हैं।

बैसाखी के उपलक्ष्य पर एसकेडी एकेडमी के निदेशक मनीष सिंह ने बच्चों को जानकारी देते हुए कहा यह पर्व सिखों के दसवें व आखिरी गुरु गोविंद सिंह द्वारा 1699 में खालसा पंथ की स्थापना के लिए मनाया जाता है। साथ ही त्योहार को लोकप्रिय फसल उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। बैसाखी को सिख नव वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। इस मौके पर एसकेडी ग्रुप की उपनिदेशिका निशा सिंह ने कहा कि बैशाखी भी त्योहार है। इस दिन रवि की फसल पक कर तैयार होती है। बैसाखी व अंबेडकर जयंती पर एसकेडी ग्रुप ऑफ कॉलेज की विभिन्न शाखाओं में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में कार्यक्रम पेश कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का समापन करते हुए एसकेडीग्रुप के चेयरमैन श्रीकृष्ण दत्त जी ने बताया कि भारत त्योहारों का देश है और त्योहार हमारे बीच एकता की भावना पैदा करते हैं। इस अवसर पर एसकेडी ग्रुप ऑफ कॉलेज /स्कूल के प्राचार्य, उपप्राचार्य, समस्त शिक्षक व कर्मचारीगण व अभिभावक भी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *