श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

12 जनवरी – श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय !! 🙏

कहहु भगति पथ कवन प्रयासा ।
जोग न मख जप तप उपवासा ।।
सरल सुभाऊ न मन कुटिलाई ।
जथा लाभ संतोष सदाई ।।
( उत्तरकांड 45/1)
राम राम 🙏🙏
राज्याभिषेक उपरांत एकबार राम जी ने सभी अयोध्या नगरवासियों को बुलाया है । सभी को इहलोक व परलोक में सुखी होने का साधन अपनी भक्ति बताया है । भक्ति के लिए योग , जप , तप व यज्ञ उपवास आदि की ज़रूरत नहीं है । इसमें तो बस स्वभाव की सरलता , मन का कुटिल न होना तथा जो कुछ मिले उसी में सदा संतोष रखना होता है ।
भक्ति जीवन को सरल व सहज बनाती है , जीवन की आपाधापी से मुक्ति दिलाती है । बस हमें सरल होना होगा , मन से कुटिलता का त्याग करना होगा । हमारे दोष तो अदोष राम भजन से ही संभव है अन्य कोई साधन नहीं है । अस्तु !मन को सरल व संतोषी बनाने के लिए श्रीराम भजें , रघुनाथ भजें 🚩🚩🚩

संकलन तरुण जी लखनऊ

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