रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक, मनोज यादव ने 67वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट के लिए आरपीएफ के टैक ग्रुप द्वारा निर्मित एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और वेबसाइट लॉन्च की
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) 12 से 16 फरवरी, 2024 तक लखनऊ में 67 वीं अखिल भारतीय पुलिस इयूटी मीट (एआईपीडीएम) की मेजबानी करने के लिए तैयार है। कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी एआईपीडीएम की केन्द्रीय समन्वय समिति द्वारा आरपीएफ को सौंपी गई है। ऑल इंडिया पुलिस इयूटी मीट (एआईपीडीएम) पहली बार 1953 में शुरू की गई थी। कानून प्रवर्तन क्षेत्रों में प्रसिद्ध इस कार्यक्रम का उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अपराधों की वैज्ञानिक पहचान और जांच के लिए पुलिस अधिकारियों के बीच उत्कृष्टता और सहयोग को बढ़ावा देना है। इस तरह की पुलिस ड्यूटी मीट आयोजित करने का अंतर्निहित विचार यह था कि प्रतिभागियों को एक-दूसरे के अनुभवो से लाभ मिलेगा, जिसके परिणामस्वरूप पूरे पुलिस बल के पेशेवर प्रदर्शन और आचरण के मानक में अधिक दक्षता और सुधार होगा। इसलिए, 67 वीं अखिल भारतीय पुलिस डयूटी मीट कानून प्रवर्तन पेशेवरों के लिए एक साथ आने, सीखने और खोजी उत्कृष्टता के अपने सामूहिक प्रयास को मजबूत करने का आह्वान है। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं की विशेषता, जांच, पुलिस फोटोग्राफी, कंप्यूटर जागरूकता, विशेष कैनाइन युनिट प्रतियोगिता, तोड़फोड़ विरोधी जांच और पुलिस वीडियोग्राफी के लिए वैज्ञानिक सहायता, पुलिस इयूटी मीट कानून प्रवर्तन कर्मियों के लिए अपनी क्षमताओं को निखारने और सर्वोतम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है।
मुख्य घटना विवरणः
दिनांक: 12 फरवरी से 16 फरवरी, 2024
. मुख्य स्थानः जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी, लखनऊ
1957 के आरपीएफ अधिनियम के तहत स्थापित, रेलवे सुरक्षा बल 2004 से रेलवे संपत्ति की सुरक्षा व यात्रियों और उनके सामानों को सुरक्षा प्रदान करने में सहायक रहा है। बल ने अपनी मुख्य भूमिका रेलवे संपत्ति की सुरक्षा से अतिरिक्त, खुद को विकसित कर यात्री सुरक्षा एवं यात्री सुविधा को सुदृढ़ करने में भी अपना अहम योगदान दिया है। रेलवे सुरक्षा बल को राष्ट्र की जीवन रेखा, भारतीय रेलवे को सुरक्षा प्रदान करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि आरपीएफ में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 9% है जो भारत के सभी सशस्त्र बलों में सबसे अधिक है।रेल मंत्रालय के तहत 1955 में स्थापित जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी/ लखनऊ, प्रोबेशनर्स, आईआरपीएफएस कैडर अधिकारियों और आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर कैडेटों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान के रूप में कार्य करती है। यह साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन जैसे नए उभरते डोमेन में पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। सहयोग की भावना से, अकादमी ने रेलवे रक्षकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए INMAS-DRDO, SVP-NPA, BPR&D और NISA जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी की है।
67वें एआईपीडीएम में 20 राज्य पुलिस संगठनों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रतिभागियों, प्रशासनिक कर्मचारियों, मेहमानों और गणमान्य अतिथियों सहित 1200 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे।
आधुनिकीकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रगति में, रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक, मनोज यादव ने 67वीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट के लिए आरपीएफ के टैक ग्रुप द्वारा निर्मित एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और वेबसाइट लॉन्च की है। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म को इन-हाउस विकसित किया गया है व संचार को सुव्यवस्थित करने, वास्तविक समय अपडेट प्रदान करने और ऑटोबोट-आधारित बहुभाषी चैट समर्थन जैसे हाइलाइट्स के साथ प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए निर्बाध भागीदारी की सुविधा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
67वें एआईपीडीएम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री दिनकर गुप्ता, आईपीएस, महानिदेशक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उपस्थित रहेंगे।

