17 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
दंडक बनु प्रभु कीन्ह सुहावन ।
जन मन अमित नाम किए पावन
निसिचर निकर दले रघुनंदन ।
नामु सकल कलि कलुष निकंदन
( बालकांड 23/4)
जय सियाराम 🙏
श्री रामचरित मानस जी के आरंभ में श्री राम नाम की महिमा बताते हुए पूज्यपाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी कहते हैं कि श्री राम जी ने भयानक दंडक वन को सुहावना बना दिया परंतु श्री राम नाम ने असंख्य मनुष्यों के मन को पावन कर दिया। श्री राम जी ने सारे निसाचरों के समूह को मारा परंतु श्री राम नाम तो कलियुग के सारे पापों की जड़ उखाड़ने वाला है ।
आत्मीय जनों! श्री राम नाम के रहते हुए भी हमारा आपका मन अभी भी अपावन हैं, यह ठीक नहीं, तो आईए श्री राम नाम अपना कर हम आप भी इस कलिकाल में पावन व सुहावन जाएं । अस्तु राम नाम अपनाएँ, पावन बन जाएँ…… श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम जय रघुनंदन जय सियाराम।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

