एबीवीपी वसई ने किया राष्ट्र-सेवा के मूल्यों का उद्घोष
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा पर ‘दीपोत्सव 2025’ का भव्य आयोजन,
देश की उपासना
ब्यूरो चीफ धनन्जय विश्वकर्मा,
वसई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) वसई इकाई द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के १०० वर्षों की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में २२ अक्टूबर २०२५ को ‘दीपोत्सव २०२५’ का भव्य आयोजन अत्यंत हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना, संगठनात्मक मूल्यों और निस्वार्थ सेवा भावना के सशक्त संदेश का प्रतीक बना।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से ज्ञान की देवी सरस्वती माता के पूजन से हुआ। इस गरिमामय अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, प्राध्यापक मंदार भानुषे, वसई जिल्हाध्यक्ष वैद्य. सर्वेश शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अंकित उपाध्याय, और वसई जिल्हा संयोजक सुजल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संघ स्वयंसेवक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संघ की १०० वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा:
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंकित उपाध्याय जी ने संघ की १९२५ से लेकर वर्तमान तक की १०० वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे संघ ने राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा, शिक्षा, ग्राम विकास और संस्कार निर्माण के क्षेत्रों में निरंतर अतुलनीय योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का पर्याय बन चुका है, जो कि इसकी शताब्दी यात्रा की वास्तविक पहचान है।

युवाओं में राष्ट्रनिष्ठा का आह्वान:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्राध्यापक मंदार भानुषे ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद के कालजयी विचारों का उद्धरण किया, “भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसका धर्म सम्पूर्ण मानवता की सेवा है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की असली शक्ति उसके युवाओं में निहित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा को आत्मसात करें, जिससे भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर हो सके। उन्होंने युवाओं को केवल व्यक्तिगत सफलता ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व को भी अपना जीवन उद्देश्य बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन सैकड़ों दीपों की रोशनी से परिसर के आलोकित होने के साथ हुआ, जिसके पश्चात परिषद के कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ राष्ट्रभक्ति के संकल्प को दोहराया। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के प्रति सम्मान और राष्ट्र सेवा के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम सिद्ध हुआ।


