ये बिछड़े पल नामक कविता की लेखिका देश की बेटी का संक्षिप्त परिचय इस प्रकार है
दीपा
कक्षा – 11 वीं
गाँव – सुराग
ये हैं मेरे जीवन के बिछड़े पल,
दो दिन की छुट्टी में मिली सलाह,
ऐसी सलाह जो दो दिलों को मिला देती है।
वही सलाह मैं फिर से पाना चाहती हूँ,
एक नई उम्मीद फिर जगाना चाहती हूँ।
ऐसे हैं ये पल जो बिछड़ गए हैं मुझसे,
चले गए वो दिन जिनसे उम्मीद मिलती थी।
फिर एक दिन चरखा आई,
दिया जिसने मुझे सहारा,
टूटी उम्मीदों के बीच,
एक नई राह दिखाया।
अब अपने कदम बढ़ाने हैं,
अब अपनी मंज़िल पानी है,
बिछड़े पलों को याद कर
टूटी उम्मीद को फिर जगानी है।

