रंजिश में युवक की हत्या का मामले मे दो सगे भाइयों समेत चार को उम्रकैद
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।एडीजे प्रथम की अदालत ने रंजिश के चलते कुल्हाड़ी, फावड़ा और बेलचक से युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो सगे भाइयों और उनकी पत्नियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।बताते चले अपर जिला जज प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया।अदालत ने जुर्माने की राशि में से 50 हजार रुपये मृतक की मां कमलेश को देने का आदेश दिया है।अभियोजन पक्ष के अनुसार, 7 जून 2022 को बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के गुंधौर गांव निवासी अर्जुन यादव पर गांव के ही मोहन यादव, उसकी पत्नी सुषमा, भोला, उसकी पत्नी शोभा देवी और वंदना ने मिलकर हमला कर दिया था।कुल्हाड़ी, फावड़ा और बेलचक से किए गए हमले में अर्जुन गंभीर रूप से घायल हो गया था।इलाज के दौरान ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में उसकी मौत हो गई थी।मामले की विवेचना के दौरान तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुमित श्रीवास्तव ने भोला, शोभा और वंदना को क्लीन चिट देते हुए केवल मोहन और सुषमा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।जांच के इस रुख पर वादी पक्ष ने सवाल उठाए और कोर्ट में अर्जी दाखिल की।सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि विवेचना में घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं का समुचित परीक्षण नहीं किया गया था और कुछ अहम तथ्यों की अनदेखी हुई। इसी के चलते कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और भोला, शोभा व वंदना को भी तलब किया गया। न्यायालय के इस कदम से प्रारंभिक जांच की कमियां उजागर हो गईं और मामले का दायरा विस्तृत हुआ।सुनवाई के दौरान वंदना को किशोर अपचारी घोषित किया गया, जिसका मामला विशेष न्यायालय में विचाराधीन है।शेष चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।फैसला सुनते ही कोर्ट परिसर में भावुक माहौल बन गया।दोषी महिलाओं के परिजन रोने-बिलखने लगे।पुलिस ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

