अपराधियों को सजा दिलाने हेतु प्रभावी पैरवी एवं लंबित वादों के त्वरित करें निस्तारण- जिलाधिकारी
– कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न
मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कैंप कार्यालय स्थित सभागार में देर शाम संपन्न हुई। बैठक में अभियोजन कार्य, लंबित वादों, जमानत प्रकरणों, कानून व्यवस्था, महिला अपराध, एससी/एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर एवं गुंडा एक्ट सहित आगामी त्योहारों के दृष्टिगत की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि अगस्त माह में अधीनस्थ एवं सत्र न्यायालयों में कुल 609 नए वाद दायर हुए, 390 वादों का निस्तारण किया गया। सजा के कुल मामलों में से अधीनस्थ न्यायालयों में अन्य अधिनियमों के अंतर्गत 240 मामलों में सजा हुई। सत्र न्यायालय में आईपीसी के अंतर्गत अगस्त माह में 31 मुकदमे दायर हुए, 13 का निस्तारण किया गया। इनमें एक मामले में सजा, 11 में रिहाई तथा एक में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई हुई। एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत पांच नए मुकदमे दायर हुए, जबकि दो का निस्तारण हुआ, जिनमें एक में सजा तथा एक में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई हुई। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत नौ मुकदमे दायर हुए, अगस्त माह में कोई निस्तारण नहीं हुआ। पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 17 मुकदमे दायर हुए तथा चार का निस्तारण हुआ, जिनमें एक में सजा और तीन में रिहाई हुई। अभियोजकवार जमानत प्रकरणों की समीक्षा में संयुक्त निदेशक ने बताया कि अगस्त माह में कुल 538 जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत हुए, जिनमें 433 मामलों में जमानत स्वीकृत तथा 105 मामलों में अस्वीकृत हुई। कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अवैध एवं जहरीली शराब के विरुद्ध अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महिला संबंधी अपराध एवं उत्पीड़न के मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत पारित आदेशों के बावजूद कुछ थानों द्वारा कुर्की की कार्रवाई लंबित पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर किए गए अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने समस्त थानों पर पीस कमेटी की बैठक 30 सितंबर से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। मूर्ति विसर्जन घाटों का भी पूर्व में निरीक्षण कर साफ-सफाई, विद्युत सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, समस्त थाना प्रभारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन शाखा, डीजीसी अजय कुमार सिंह सहित अभियोजन शाखा के समस्त संबंधित अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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अवैध एवं जहरीली शराब के विरुद्ध निरंतर चलाये चेकिंग अभियान- जिलाधिकारी
– बैठक में अनुपस्थित एसीएमओ एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी
मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में शनिवार देर शाम कैंप कार्यालय स्थित सभागार में एनकार्ड की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों द्वारा अगस्त माह में मादक पदार्थों, अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए की गई कार्रवाई की गहन समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अवैध एवं जहरीली शराब के विरुद्ध निरंतर चेकिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्थिति में नाबालिग को शराब की बिक्री न हो। औषधि विभाग की समीक्षा के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा बताया गया कि अप्रैल माह से अब तक कुल 131 मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शराब, मादक पदार्थों एवं नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नामित नोडल एसीएमओ तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जीआरपी द्वारा अगस्त माह में की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान कोई भी मादक पदार्थ अथवा ड्रग्स संबंधी प्रकरण सामने न आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को ट्रेनों में मादक पदार्थों के विरुद्ध रैंडम एवं गहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

