अयोध्या में जल्द ही आधुनिक स्वरूप में दिखेगा संत निवास
-सरकार करवा रही कायाकल्प, 3.35 करोड़ से जीर्णाेद्धार-सौंदर्यीकरण
-पर्यटन विभाग की धनराशि से संवरेगा परिसर, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा संत निवास
अयोध्या। जनपद अयोध्या पांच कोशी परिक्रमा मार्ग पर स्थित संत निवास का जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप धार्मिक पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो रही है। पर्यटन विभाग की धनराशि से संवर रहे इस परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक यात्रियों और संतों के ठहराव तथा आयोजनों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
कार्य योजना के अनुसार जी प्लस 1 भवन का निर्माण किया जा रहा है। भूतल पर सत्संग भवन, प्रतीक्षालय, ऑफिस, रसोई घर, इलेक्ट्रिकल रूम, टॉयलेट ब्लॉक और पेयजल व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। प्रथम तल पर चार कक्ष, पेयजल व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक तथा शौचालय सहित चार कमरों का निर्माण हो रहा है। इन सुविधाओं से संत निवास पूर्णतः सुविधा संपन्न बन जाएगा। परियोजना की स्वीकृत लागत 3.35 करोड़ रुपये है। वर्तमान में संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है तथा फिनिशिंग का काम प्रगति पर है। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। अयोध्या परियोजना प्रबंधन मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि संस्था प्रस्तावित कार्यों को समयबद्ध तरीके से आकार दे रही है। यह परियोजना न केवल स्थानीय संतों और भक्तों के लिए बल्कि बाहर से आने वाले धार्मिक पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक साबित होगी। अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास सराहनीय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में धार्मिक स्थलों और संबंधित सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संत निवास का यह कायाकल्प उसी श्रृंखला की कड़ी है। एक ओर जहां राम मंदिर क्षेत्र में व्यापक निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहीं संतों और भक्तों के ठहराव की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद सत्संग, बैठकें और अन्य धार्मिक आयोजन आसानी से हो सकेंगे। प्रतीक्षालय, रसोई और पर्याप्त शौचालय जैसी सुविधाएं यात्रियों को राहत देंगी। पेयजल व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रथम तल पर उपलब्ध कक्ष संतों के आवास के लिए उपयोगी साबित होंगे। निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से आवंटित धनराशि का सदुपयोग करते हुए परिसर को आकर्षक और उपयोगी बनाया जा रहा है। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ व नगर आयुक्त जयेन्द्र कुमार ने कहा कि जीर्णाेद्धार का कार्य प्रदेश सरकार के विजन के अनुरूप धार्मिक पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का पूरा ध्यान रखते हुए कार्य को पूरा करवा रहे हैं, ताकि संतों और भक्तों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। संस्था प्रस्तावित कार्यों को समयबद्ध तरीके से आकार दे रही है। परिसर के विकास से अयोध्या की आकर्षण क्षमता और बढ़ेगी। धार्मिक पर्यटन को संबल मिलेगा तथा संत निवास आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर यात्रियों और संतों के लिए आरामदायक ठिकाना बनेगा।

