एन0आई0 एक्ट विशेष लोक अदालत में कुल 29 एवं यूनियन बैंक ऑफ़ इण्डिया विशेष लोक अदालत में कुल 298 मामलें हुए निस्तारित
सिविल जज सी0डि0/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर विवेक कुमार सिंह ने अवगत कराया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं श्री सुशील कुमार शशि, माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर की अध्यक्षता एवं श्री रणजीत कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय/नोडल अधिकारी लोक अदालत, जौनपुर व श्री विवेक कुमार सिंह, सिविल जज सी0डि0/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर की देखरेख में जनपद न्यायालय परिसर जौनपुर में 18 जुलाई 2026 को एन0आई0 एक्ट, 1881 की धारा-138 विशेष लोक अदालत एवं यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया विशेष लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश जौनपुर द्वारा माँ सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर विशेष लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया तथा उनके द्वारा अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण हेतु सर्व सम्बन्धित को प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर समस्त अपर जनपद न्यायाधीशगण तथा समस्त सिविल व फौजदारी न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
एन0आई0 एक्ट, 1881 की धारा 138 विशेष लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लम्बित 268 मुकदमें लगाये गये जिनमें से 29 मामलों का निस्तारण किया गया।
यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया के रिकवरी से सम्बन्धित 298 मामलों का निस्तारण करते हुए रू० 48,00,000 रुपये का समझौता किया गया।
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जौनपुर 18 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-05
21 एग्रीजंक्शन केंद्र खुलेंगे, मिलेगा रोजगार
एग्री जंक्शन के 13 दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत
यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सिद्धिकपुर में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना के तहत 21 अभ्यर्थियों की 13 दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत हुई।
उद्घाटन समारोह में प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उप परियोजना निदेशक आत्मा डा.रमेश चंद्र यादव ने कहा कि योजना के तहत किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक, जैव उत्पाद, कृषि यंत्र और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है, इन केंद्रों पर किसान आधुनिक तकनीक, मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक का सुझाव, फसल प्रबंधन और बाजार संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, इसके अलावा छोटे कृषि यंत्र किराए पर मिलेंगे, उपकरणों की मरम्मत, कृषि उत्पादों की बिक्री और प्रसंस्करण की सुविधा भी मिलेगी, उन्होंने बताया कि प्रत्येक एग्रीजंक्शन केंद्र के लागत लगभग 4.22 लाख रुपया निर्धारित की गई है जिसमें 3.5 लाख तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा जिस पर 7.5% की दर से ब्याज अनुदान दिया जाएगा। पहले वर्ष में किराया सहायता के रूप में 24 हजार रुपए और प्रशिक्षण व अन्य खर्चो के लिए भी सहायता दी जाएगी। प्रति केंद्र 77900 तक की सहायता का प्रावधान है।
आरसेटी निदेशक उपेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशिक्षकों का सबसे पहला कर्तव्य है कि प्रशिक्षक के प्रति हमेशा सीखने का दृष्टिकोण रखें ताकि कृषि के नवाचारों को किसानों के खेत तक पहुंचाएं। अंत में अभिषेक दुबे वरिष्ठ संकाय द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।
इस मौके पर कार्यालय सहायक जगदीश गौड़ सहित 21 प्रशिक्षु अभ्यर्थी मौजूद रहे।

