एम्सटेलवीन)हॉकी वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान का किया ‘गेम ओवरÓ, पूल मुकाबले में 5-3 से चटाई धूल

 

(एम्सटेलवीन)हॉकी वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान का किया ‘गेम ओवरÓ, पूल मुकाबले में 5-3 से चटाई धूल

एम्सटेलवीन ,20 अगस्त ,। पाकिस्तान के खिलाफ भारत का ‘वर्चस्वÓ बरकरार है। एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में एम्सटेलवीन के वैगनर स्टेडियम में खेले गए पूल डी के मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 5-3 से हराया।

भारत ने मुकाबले की शुरुआत दमदार अंदाज में की और गेंद पर कंट्रोल बनाया। मैच के चौथे मिनट में ही भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसका भरपूर फायदा उठाते हुए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। 1-0 की बढ़त को भारत ने जल्द ही दोगुना कर दिया। मैच के 11वें मिनट में अभिषेक से मिले शानदार पास को मंदीप सिंह ने गोल में तब्दील किया। पहले क्वार्टर में 2-0 की बढ़त के साथ भारतीय टीम का पूरी तरह से दबदबा रहा।

दूसरे क्वार्टर का आगाज भी भारतीय टीम ने शानदार तरीके से किया। मैच के 20वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करते हुए कप्तान हरमनप्रीत ने भारत की बढ़त को 3-0 कर दिया। हालांकि, इसके बाद पाकिस्तान ने मैच में कुछ हद तक वापसी करने की कोशिश की। मैच के 21वें मिनट में पाकिस्तान की तरफ से हन्नान शाहिद ने पहला गोल दागा।

इसके ठीक दो मिनट बाद ही अभिषेक ने एक और शानदार गोल दागा और भारत की बढ़त को 4-1 कर दिया। मैच के 24वें मिनट में सुफियान खान ने पाकिस्तान की ओर से दूसरा गोल किया और स्कोर को 4-2 कर दिया। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत के सुखजीत सिंह को ग्रीन कार्ड मिला। मैच के 34वें मिनट मे भारत ने अपनी बढ़त को 5-2 कर दिया। भारत के लिए पांचवां गोल हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर दागा। चौथे और अंतिम क्वार्टर की शुरुआत पाकिस्तान के लिए अच्छी रही। मैच के 45वें मिनट में पाकिस्तान के हन्नान शाहिद ने गोल करते हुए स्कोर को 5-3 कर दिया।

इसके बाद भारत और पाकिस्तान की तरफ से गोल करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन किसी भी टीम को सफलता हाथ नहीं लगी। हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को गोल करने का कोई और मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अगले राउंड में अपनी जगह बना ली है। वहीं, हार के साथ पाकिस्तान का विश्व कप में सफर समाप्त हो गया है।

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(गाले)गाले टेस्ट में भारत का दबदबा : मानव सुथार की घातक गेंदबाजी से श्रीलंका 165 रन से ढेर, सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त

गाले ,20 अगस्त ,। भारतीय क्रिकेट टीम ने गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए टेस्ट मैच में श्रीलंका को 165 रन से हरा दिया। मानव सुथार की घातक गेंदबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने श्रीलंका को पांचवें दिन दूसरे सेशन में दूसरी पारी में 206 रन पर समेट कर गाले टेस्ट अपने नाम किया। जीत के साथ 2 मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से आगे हो गई है।

श्रीलंका को चौथी पारी में जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी। श्रीलंका ने अपने शुरुआती 4 विकेट मात्र 47 रन पर गंवा दिए थे। यही वह समय था, जब टीम की हार तय हो गई थी। हालांकि, कप्तान धनंजय डी सिल्वा (59) और पहली पारी के शतकवीर सोनल दिनुशा ने 84 रन की पारी खेलकर टीम की हार कुछ देर के लिए टाली, लेकिन उनका ये प्रयास काफी नहीं था। दोनों के आउट होने के साथ ही श्रीलंका की पारी 77.4 ओवर में 206 रन पर सिमट गई और 165 रन के बड़े अंतर से मैच गंवा बैठी।

युवा गेंदबाज मानव सुथार भारत के लिए दूसरी पारी के हीरो रहे। सुथार ने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 और सिराज-जडेजा ने 1-1 विकेट लिए।

भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए देवदत्त पड्डिकल के 167, केएल राहुल के 82 और ध्रुव जुरेल के 51 रनों की मदद से 462 रन बनाए थे।

श्रीलंका पहली पारी में सोनल दिनुशा के 100 और निरोशन डिकवेला की 80 रनों की पारी के बावजूद 284 पर सिमट गई थी और 178 रनों से पिछड़ी थी।

भारत की दूसरी पारी 193 रन पर सिमट गई थी। ऋषभ पंत ने 66 रन बनाए थे। 178 रन की बढ़त के आधार पर भारत ने श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य दिया था। सीरीज का दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।

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(सिनसिनाटी)सिनसिनाटी ओपन : सारा बेजलेक ने सबालेंका को हराकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई

सिनसिनाटी ,20 अगस्त ,। सिनसिनाटी ओपन महिला एकल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी चेक रिपब्लिक की सारा बेजलेक ने दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को 7-6 (7), 6-4 से हराकर पहली बार डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। बेजलेक ने मैच की शुरुआत में ही ब्रेक ले लिया था, जब सबालेंका ने 2-0 की लीड ले ली थी। लेकिन 20 साल की चेक खिलाड़ी ने वापसी की और तुरंत ब्रेक वापस ले लिया। डब्ल्यूटीए की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने टाईब्रेक में जाने से पहले सर्विस ब्रेक का एक और राउंड एक्सचेंज किया, जहां बेजलेक ने 5-1 की लीड बना ली। हालांकि, सबालेंका ने वापसी करते हुए 5-5 से स्कोर किया, लेकिन बेजलेक टाईब्रेक में अपने तीसरे सेट पॉइंट पर पहला सेट 7-6 (9-7) से जीतने में कामयाब रहीं।

इसके बाद सबालेंका ने दूसरे सेट में 4-1 की लीड बना ली। एक बार फिर, बेजलेक ने वापसी करते हुए सेट को 4-4 से बराबर कर दिया। उन्होंने एक और ब्रेक हासिल करके 5-4 की लीड ले ली और फिर मैच को लव पर सर्व करके सिर्फ दो घंटे से भी कम समय में 7-6, 6-4 से जीत हासिल की।

जीत के बाद बेजलेक ने कहा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने बस विश्वास बनाए रखा। यही सबसे जरूरी था। सबालेंका ने कमाल का टेनिस खेला। मैं बस विश्वास कर रही थी, लड़ती रही और अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रही थी।

बेजलेक की किसी भी शीर्ष रैंक वाली खिलाड़ी पर यह पहली बड़ी जीत है। डब्ल्यूटीए स्तर पर यह उनकी पांचवीं जीत थी।

इससे पहले वह 2025 और 2026 में प्राग, 2026 में अबू धाबी और एथेंस में क्वार्टरफाइनल में पहुंची थीं। वह इस साल के टूर्नामेंट में अकेली क्वार्टरफाइनलिस्ट भी हैं जिन्होंने डब्ल्यूटीए 1000 इवेंट नहीं जीता है।

क्वार्टर फाइनल में बेजलेक का मुकाबला 2019 की चैंपियन अमेरिकी मैडिसन कीज से होगा।

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(मैके)अगले 12 महीने बेहद मुश्किल, 2023 वाली सफलता दोहराने का मौका : कैमरन ग्रीन

मैके ,20 अगस्त ,। ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ने कहा है कि बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में पहला टेस्ट गंवाने के बाद अपने ऐतिहासिक 2023 कैंपेन से प्रेरणा ले सकती है। बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा टेस्ट शनिवार से शुरू हो रहा है। बांग्लादेश सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके बाद वनडे विश्व कप 2027 खेला जाना है। ग्रीन ने गुरुवार को मैके में कहा, ये 12 महीने सच में बहुत मुश्किल होने वाले हैं। हमारे तीन सबसे मुश्किल विदेशी दौरे आने वाले हैं, दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड, साथ ही विश्व कप भी, इसलिए यह इस ग्रुप के लिए थोड़ा मुश्किल है, लेकिन रोमांचक भी है। 2023 में हमारा शेड्यूल काफी मिलता-जुलता था और यह साल वाकई सफल रहा था, इसलिए हम भी यही उम्मीद कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ने माना कि लंबे विदेशी दौरे के दौरान निरंतरता बनाए रखना और मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने कहा, विदेशी दौरे थका देने वाले हो सकते हैं, इसलिए बस एक-एक मैच के हिसाब से आगे बढऩा है, बहुत आगे के बारे में नहीं सोचना है और बस इसका आनंद लेना है। ये बहुत लंबे दौरे हो सकते हैं, और उम्मीद है कि आप अपने परिवार को साथ ले जा सकते हैं और बस उस पल का आनंद ले सकते हैं।

ग्रीन बैटिंग में ज्यादा सब्र रखने पर भी काम कर रहे हैं। उनका मकसद तेजी से रन बनाने के बजाय लंबी पारी खेलना है।

उन्होंने कहा, आप ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते समय सच में अच्छा करना चाहते हैं। कभी-कभी आप उन नतीजों को जबरदस्ती करने की कोशिश करते हैं। बदकिस्मती से, टेस्ट क्रिकेट में आप 10 ओवर के अंदर शतक नहीं बना सकते, आपको वहां पहुंचने के लिए कुछ घंटे बैटिंग करनी पड़ती है। जब आपको लगता है कि आप जबरदस्ती कर रहे हैं, तो आप बहुत तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए उस टेम्पो में आने की कोशिश करें जो काम करता है।

ग्रीन ने ऑस्ट्रेलिया की 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। बांग्लादेश के खिलाफ डॉर्विन टेस्ट में शतक लगाकर उन्होंने फॉर्म में वापसी की है। हालांकि, शतक बनाने के बाद भी वह ऑस्ट्रेलिया को हार से नहीं बचा पाए थे।

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(मुंबई)अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 558 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के ऊपर

मुंबई ,20 अगस्त ,। वैश्विक बाजार से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में खुला। घरेलू बाजार में यह तेजी लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद लौटी है।

इस दौरान, बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,909.68 से 0.72 प्रतिशत यानी 558.77 अंक उछलकर 77,468.45 पर खुला, और दिन के कारोबार में एक समय इसने 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,494.79 का उच्चतम स्तर और 77,375.75 का निम्नतम स्तर छुआ।

वहीं, एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,078.30 से 0.61 प्रतिशत यानी 147.15 अंक की बढ़त के साथ 24,225.45 पर खुला, जो इंट्रा-डे ट्रेडिंग का उच्चतम स्तर रहा, जबकि 24,184.55 का स्तर दिन का निम्नतम स्तर रहा।

हालांकि खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 532.60 अंक या 0.69 प्रतिशत उछलकर 77,442.28 पर ट्रेड करता नजर आया, तो वहीं निफ्टी 50 121.10 (0.50 प्रतिशत) अंक की बढ़त के साथ 24,199.40 पर कारोबार करता नजर आया।

इस दौरान, व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में क्रमश: 0.56 प्रतिशत और 0.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी के लगभग सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते नजर आए। निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, मिडस्मॉल आईटी और टेलीकॉम तथा मेटल शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।

विश्लेषकों के अनुसार, बाजार पिछले 12 कारोबारी सत्रों से दबाव में था। हालांकि अब तकनीकी संकेतक यह दर्शा रहे हैं कि बाजार में अल्पकालिक सुधार की संभावना बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट कवरिंग और बेहतर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी ने 24,060 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से मजबूत वापसी की है। चार घंटे के चार्ट पर तेजी का संकेत देने वाला पैटर्न बनने से बाजार में रिकवरी की संभावनाएं बढ़ी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निफ्टी 24,200 से 24,260 के दायरे के ऊपर टिकता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है तथा सूचकांक 24,380 से 24,540 के स्तर तक पहुंच सकता है। वहीं 24,060 का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में बना हुआ है। यदि यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी में गिरावट बढ़कर 23,575 तक जा सकती है।

निवेशक गतिविधि के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी और बुधवार को 407 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार सातवें सत्र खरीदार रहे और उन्होंने 3,973 करोड़ रुपए का निवेश किया।

वैश्विक बाजारों से भी समर्थन मिला। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका दीर्घकालिक ट्रेजरी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद पर विचार कर रहा है, जिससे उधारी लागत कम करने में मदद मिल सकती है। इस खबर के बाद वैश्विक बॉन्ड बाजार और इक्विटी बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती रही। वहीं अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.21 प्रतिशत और नैस्डैक 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

इस बीच, अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई हैं। ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव 84.52 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में निकट अवधि में और सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति निवेशकों की निगाह में बनी रहेंगी।

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(नइ्र दिल्ली)नए पिक्सल 11 सीरीज के साथ भारत पर बड़ा दांव लगा रहा गूगल, स्थानीय विनिर्माण और एआई पर बढ़ा फोकस

नई दिल्ली ,20 अगस्त ,। अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल ने भारत में अपनी नई पिक्सल 11 सीरीज लॉन्च करते हुए देश को अपने वैश्विक विस्तार और विनिर्माण रणनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के संकेत दिए हैं। ऐसे समय में जब रिपोर्ट्स में गूगल द्वारा चीन से पिक्सल स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स के उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से बाहर स्थानांतरित करने की बात कही जा रही है, भारत कंपनी के लिए एक प्रमुख विनिर्माण और विकास केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विश्लेषकों के अनुसार, भारत सरकार की स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली नीतियों और तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र ने गूगल जैसे वैश्विक प्रौद्योगिकी ब्रांडों को आकर्षित किया है। गूगल पहले ही भारत में चुनिंदा पिक्सल स्मार्टफोन मॉडल का उत्पादन शुरू कर चुका है। अगस्त 2024 में पिक्सल 8 के साथ स्थानीय उत्पादन की शुरुआत हुई थी, और इसके बाद कंपनी ने देश में अपनी विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल ने नई पीढ़ी के पिक्सल उपकरणों के निर्माण के लिए फॉक्सकॉन जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी की है। इससे भारत को वैश्विक स्मार्टफोन आपूर्ति शृंखला में और मजबूत स्थान मिलने की उम्मीद है।

गूगल इंडिया में डिवाइसेज एंड सर्विसेज के प्रबंध निदेशक मितुल शाह ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य हमेशा उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना रहा है, ताकि वे तकनीक का सहज अनुभव प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा, हमारा ध्यान भारतीय उपभोक्ताओं की दैनिक जरूरतों से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों का समाधान करने पर केंद्रित है। पिक्सल 11 शृंखला इसी सोच का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें विशेष रूप से लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर हार्डवेयर, एआई और दीर्घकालिक उपयोगिता को एक साथ जोड़ा गया है।

गूगल ने कहा कि वह बेहतर वित्तीय विकल्पों, सर्विस नेटवर्क के विस्तार और पिक्सल पारिस्थितिकी तंत्र में निरंतर निवेश के माध्यम से भारत में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा है।

पिक्सल की 11वीं पीढ़ी के स्मार्टफोन अधिक टिकाऊ हार्डवेयर, उन्नत कैमरा प्रणाली और अधिक सक्रिय जेमिनी एआई सुविधाओं के साथ पेश किए गए हैं। इन उपकरणों को कंपनी के नए गूगल टेंसर जी6 प्रोसेसर से शक्ति मिलती है।

नई सीरीज में पिक्सल 11, पिक्सल 11 प्रो, पिक्सल 11 प्रो एक्सएल और पिक्सल 11 प्रो फोल्ड शामिल हैं। ये सभी उपकरण गूगल के नवीनतम जेमिनी नैनो मॉडल पर आधारित एआई क्षमताओं से लैस हैं।

कंपनी के अनुसार, नया टाइटन एम3 सुरक्षा चिप और विशेष रूप से विकसित टेंसर जी6 प्रोसेसर मिलकर अब तक की सबसे मजबूत और सक्रिय सुरक्षा प्रणाली प्रदान करते हैं। इससे उपयोगकर्ताओं को डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के बेहतर स्तर का लाभ मिलेगा।

भारत में पिक्सल 11 की शुरुआती कीमत 89,999 रुपए, पिक्सल 11 प्रो की 1,19,999 रुपए, पिक्सल 11 प्रो एक्सएल की 1,34,999 रुपए और पिक्सल 11 प्रो फोल्ड की 1,86,999 रुपए रखी गई है।

इसके साथ ही कंपनी ने पिक्सल वॉच 5 भी लॉन्च की है, जिसकी 41 मिमी संस्करण की कीमत 42,900 रुपए और 45 मिमी संस्करण की कीमत 45,900 रुपए निर्धारित की गई है।

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(मुंबई)धेनु बिल्डकॉन ने 1,000 करोड़ रुपए के कर्ज का जाल बनाने के लिए 25 करोड़ रुपए का बार-बार किया इस्तेमाल : सेबी

मुंबई ,20 अगस्त ,। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आरोप लगाया है कि धेनु बिल्डकॉन इंफ्रा लिमिटेड ने आपस में जुड़ी संस्थाओं के नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए 25 करोड़ रुपए की मूल राशि को बार-बार इधर-उधर घुमाया, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि कंपनी को 1,000 करोड़ रुपए का वास्तविक असुरक्षित कर्ज मिला था।

ये आरोप सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय द्वारा पारित अंतरिम आदेश में लगाए गए हैं। नियामक के अनुसार, इस कथित व्यवस्था को सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन ने संचालित किया और इसमें धेनु बिल्डकॉन तथा कंपनी से जुड़ी कई संस्थाएं शामिल थीं।

सेबी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान धेनु बिल्डकॉन को कथित तौर पर सात संस्थाओं से 1,000 करोड़ रुपए का असुरक्षित कर्ज मिला। इसके बाद कंपनी ने दिसंबर 2025 में इन छह संस्थाओं को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए कथित 840 करोड़ रुपए के कर्ज को इक्विटी में बदल दिया।

हालांकि, लेनदेन में कथित रूप से शामिल संस्थाओं के बैंक खातों की जांच से पता चला कि कथित 1,000 करोड़ रुपए की राशि का प्रवाह आपस में जुड़ी संस्थाओं के खातों के जरिए 25 करोड़ रुपए की एक ही मूल राशि को बार-बार अलग-अलग स्तरों पर घुमाने और प्रसारित करने से तैयार किया गया था।

नियामक ने आगे आरोप लगाया कि शुरुआती 25 करोड़ रुपए की राशि भी अन्य जुड़ी हुई संस्थाओं से जुड़े संदिग्ध फंड लेनदेन से आई थी।

फंड के ट्रेल के अपने विश्लेषण के आधार पर सेबी ने कहा कि उसने प्रथम दृष्टया निष्कर्ष निकाला है कि कथित कर्ज वास्तविक लेनदेन नहीं थे।

इसके परिणामस्वरूप, नियामक ने आरोप लगाया कि 840 करोड़ रुपए का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट वास्तविक वित्तीय लेनदेन के बिना किया गया था।

सेबी ने धेनु बिल्डकॉन, कर्जदाता और तरजीही आवंटन पाने वाली संस्थाओं तथा कंपनी से धन प्राप्त करने वाली अन्य संस्थाओं के बीच कई संबंधों की भी पहचान की। इन संबंधों में एक जैसे पते, निदेशक, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और बैंक शाखाएं शामिल थीं। इसके अलावा, इन संस्थाओं के बीच बड़े पैमाने पर एक-दूसरे की शेयर हिस्सेदारी भी थी।

नियामक के अनुसार, इस नेटवर्क का हिस्सा रही संस्थाएं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सुरेंद्र जैन और वीरेंद्र जैन के स्वामित्व, नियंत्रण या प्रबंधन में थीं।

सेबी ने एक असंबंधित मामले में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान बरामद चैट संदेशों और कॉल रिकॉर्ड का भी जिक्र किया। नियामक ने कहा कि इनसे इस नेटवर्क पर कथित रूप से किए जा रहे नियंत्रण के सबूत मिले।

इन संस्थाओं के पंजीकृत कार्यालयों के भौतिक निरीक्षण के दौरान भी चिंताएं सामने आईं। सेबी ने कहा कि ऐसा प्रतीत हुआ कि इन संस्थाओं की वास्तविक भौतिक मौजूदगी और व्यावसायिक गतिविधियों का ठोस आधार नहीं था।

नियामक ने आगे कहा कि कथित लेनदेन ऐसे समय में हुए जब धेनु बिल्डकॉन के बाजार मूल्यांकन में नाटकीय वृद्धि हुई थी।

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(सिंगापुर)सिंगापुर में भारत के शीर्ष मंत्रियों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की, सहयोग के नए क्षेत्रों पर हुआ मंथन

सिंगापुर ,20 अगस्त ,। भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक तथा रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) के दौरान भारत के शीर्ष मंत्रियों ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। उनके साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल रहे। दोनों देशों के नेताओं ने साझेदारी को और गहरा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं और पहलों की समीक्षा की।

आईएसएमआर के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग के छह प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और सतत विकास शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति का आकलन करने के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, नेताओं ने आर्थिक सहयोग, डिजिटल परिवर्तन, परिवहन संपर्क, कौशल विकास और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय भागीदारी को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों देशों ने उभरती प्रौद्योगिकियों और नई आर्थिक संभावनाओं में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने सिंगापुर समकक्ष विवियन बालाकृष्णन के साथ विस्तृत बैठक की थी। दोनों नेताओं ने भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही वर्तमान वैश्विक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

जयशंकर ने बैठक के बाद कहा, मेरे मित्र और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात कर खुशी हुई। हमने हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर उनके विचार भी महत्वपूर्ण रहे।

दोनों विदेश मंत्रियों ने सिंगापुर में भारत के उच्चायोग के नए चांसरी परिसर की आधारशिला भी रखी। जयशंकर ने विश्वास जताया कि यह नया परिसर भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का प्रतीक बनेगा और सिंगापुर में रह रहे भारतीय समुदाय को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा।

विदेश मंत्री जयशंकर मंगलवार को ही आईएसएमआर में भाग लेने के लिए सिंगापुर पहुंच गए थे। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का सिंगापुर के चांगी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग और सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने स्वागत किया।

गौरतलब है कि भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। इसके बाद दूसरा सम्मेलन अगस्त 2024 में सिंगापुर और तीसरा सम्मेलन अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। यह मंच दोनों देशों के

बीच पारंपरिक और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

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