एलपीजी वितरकों ने मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन–
! प्रशासनिक शुल्क व होम डिलीवरी कमीशन में ₹75 की अंतरिम वृद्धि समेत सात सूत्रीय मांगें।
सुलतानपुर। एलपीजी वितरकों की विभिन्न मांगों को लेकर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा है। ज्ञापन में वितरकों के प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में तत्काल ₹75 की अंतरिम वृद्धि किए जाने सहित सात प्रमुख मांगें उठाई गई हैं।
ज्ञापन में संगठन अध्यक्ष जियाउल हसनैन का कहा गया है कि एलपीजी वितरक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। एसोसिएशन ने 1 सितंबर 2026 से आंदोलन शुरू करने, 21 से 29 सितंबर तक राष्ट्रपति को ज्ञापन देने, 5 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस, 6 अक्टूबर को नो-मनी-नो-इंटरेस्ट अभियान तथा 26 अक्टूबर को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित किया है।
ये हैं प्रमुख मांगेंएसोसिएशन ने मांग की है कि डी-नोवो स्टडी के अनुरूप एलपीजी वितरकों के प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में तत्काल ₹75 की अंतरिम वृद्धि की जाए। इसके अलावा ई-वाउचर के लिए सार्वजनिक तेल कंपनियों की ओर से ₹236 का भुगतान किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में सार्वजनिक तेल कंपनियों से भारत की संसद द्वारा बनाए गए नियम-कानूनों का पालन सुनिश्चित करने तथा वितरकों पर गैर-फर्म/अन्य वस्तुओं की बिक्री के लिए दबाव नहीं डालने की मांग की गई है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।
एसोसिएशन ने निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए पीएमयूवाई कनेक्शन की अनिवार्यता समाप्त करने, नए घरेलू गैस कनेक्शन से संबंधित बंद किए गए प्रावधानों को फिर से लागू करने तथा कंपनी अधिकारियों द्वारा कथित रूप से वितरकों पर बनाए जा रहे दबाव को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।
! प्रशासनिक शुल्क व होम डिलीवरी कमीशन में ₹75 की अंतरिम वृद्धि समेत सात सूत्रीय मांगें।
सुलतानपुर। एलपीजी वितरकों की विभिन्न मांगों को लेकर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा है। ज्ञापन में वितरकों के प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में तत्काल ₹75 की अंतरिम वृद्धि किए जाने सहित सात प्रमुख मांगें उठाई गई हैं।
ज्ञापन में संगठन अध्यक्ष जियाउल हसनैन का कहा गया है कि एलपीजी वितरक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। एसोसिएशन ने 1 सितंबर 2026 से आंदोलन शुरू करने, 21 से 29 सितंबर तक राष्ट्रपति को ज्ञापन देने, 5 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस, 6 अक्टूबर को नो-मनी-नो-इंटरेस्ट अभियान तथा 26 अक्टूबर को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित किया है।
ये हैं प्रमुख मांगेंएसोसिएशन ने मांग की है कि डी-नोवो स्टडी के अनुरूप एलपीजी वितरकों के प्रशासनिक शुल्क एवं होम डिलीवरी प्रभार में तत्काल ₹75 की अंतरिम वृद्धि की जाए। इसके अलावा ई-वाउचर के लिए सार्वजनिक तेल कंपनियों की ओर से ₹236 का भुगतान किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में सार्वजनिक तेल कंपनियों से भारत की संसद द्वारा बनाए गए नियम-कानूनों का पालन सुनिश्चित करने तथा वितरकों पर गैर-फर्म/अन्य वस्तुओं की बिक्री के लिए दबाव नहीं डालने की मांग की गई है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।
एसोसिएशन ने निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए पीएमयूवाई कनेक्शन की अनिवार्यता समाप्त करने, नए घरेलू गैस कनेक्शन से संबंधित बंद किए गए प्रावधानों को फिर से लागू करने तथा कंपनी अधिकारियों द्वारा कथित रूप से वितरकों पर बनाए जा रहे दबाव को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।

