कायर कौन है?
पिंकी अरमोली
उत्तराखंड
जब लड़की सपने देखती है, समाज सवाल उठाता है,
“तुम लड़की हो” कहकर हर कदम पर रोक लगाता है,
कभी बोझ कहा जाता, कभी सपनों को छोटा किया जाता है,
उसकी आवाज़ को दबाकर उसे ही कमजोर बताया जाता है,
पर जो डर के बावजूद अपने सपनों की ओर बढ़ती है,
जो गिरकर फिर उठती है, वही तो हिम्मत करती है,
अब सवाल यह नहीं कि लड़की कायर है या नहीं?
सवाल यह है कि उसके सपनों से डरता कौन है?
वह लड़की है, वह शक्ति है, वह अपनी पहचान बनाएगी,
जो राह रोकी गई थी कभी, उसी राह पर आगे बढ़ती जाएगी।।

