किसानों के लंबित ब्याज को लेकर दिया ज्ञापन
जौनपुर । एनएच 233 के चार हजार किसानों के लंबित ब्याज, अधूरे मार्ग पर टोल व सड़क दुर्घटनाओं के मुआवजे को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन ने जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा। किसान नेता अजीत सिंह डोभी के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2012 से तहसील केराकत क्षेत्र के लगभग 4,000 किसान अपने मुआवजे और उसके देय ब्याज के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसानों को मुआवजा मिलने के बावजूद लंबे समय से लंबित ब्याज की राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। संगठन ने किसानों को देय ब्याज का तत्काल भुगतान कराने की मांग की।संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि हाइवे का मार्ग कई स्थानों पर अधूरा एवं जर्जर है, इसके बावजूद टोल वसूली की जा रही है। विशेष रूप से ढेरही टोल प्लाजा वाराणसी पर अधूरे मार्ग के बावजूद टोल वसूली बंद कराने तथा पूर्व में टोल बंद करने को लेकर लिए गए निर्णयध्आश्वासन को प्रभावी रूप से लागू कराने की मांग की गई। ज्ञापन में अधूरे एवं संकरे मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए नो-एंट्री एवं तत्काल सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके, की भी मांग उठाई गई। इसके साथ ही छभ्-233 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के परिवारों को कम से कम ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा लंबित सड़क निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की गई। किसान नेता अजीत सिंह डोभी ने कहा कि किसानों ने देश के विकास और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है। अब शासन-प्रशासन का दायित्व है कि किसानों को उनका पूरा हक, लंबित ब्याज और न्याय दिलाए। संगठन ने प्रशासन को 20 सितंबर 2026 तक ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई का समय देते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो 30 सितंबर 2026 को ढेरही टोल प्लाजा, बलरामगंज, वाराणसी में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन च्डव् कार्यालय वाराणसी का घेराव किया जाएगा। किसान संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

