किसानों तक पहुची यू०पी० एग्रीस परियोजना, विश्व बैंक मिशन ने प्रगति की सराहना की
वैचारिक तूफान संवाददाता
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों को अधिक उत्पादक, जलवायु-अनुकूल
बाजारोन्मुख बनाने की दिशा में कार्यरत उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता सुदृढ़ीकरण परियोज (यू०पी०एग्रीस) ने अपने क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज करते हुए अपने सभी चयनित जिलों में किसानों बीच कार्य आरंभ कर दिया है। उत्तर प्रदेश डाइवर्सिफ़ाईड एग्रीकल्चर सपोर्ट प्रोजेक्ट (यूपीडास्प) द्वारा संचाि एवं विश्व बैंक पोषित उत्तर प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए विश्व का छह सदस्यीय सपोर्ट मिशन 1 से 5 जून तक उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहा।
मिशन के दौरान परियोजना की विभिन्न गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों का विस्तृत आक किया गया। समीक्षा में में यह सामने आया कि यूपीएग्रीज परियोजना अब राज्य के सभी 28 लक्षित जिलों में प्रभरूप से कार्य कर रही है और किसानों तक नवीनतम वैज्ञानिक ज्ञान, उन्नत तकनीकों तथा बेहतर बाजार अवसरों पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
यूपीएग्रीज का उद्देश्य कृषि एवं कृषि सम्बद्ध क्षेत्रों को अधिक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और लाभकारी बनाना परियोजना के अंतर्गत उच्च उत्पादकता वाली फसल प्रणालियों, जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों, संसाधनों के कु उपयोग तथा बाजार से बेहतर जुड़ाव को बढ़ावा दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर धान उत्पादन क्षेत्र परियोजना अपने ज्ञान साझेदार इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) के सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश विभिन्न जिलों में प्रदर्शन प्लॉट स्थापित कर रही है, जिनके माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उच्च गुणवत्ता के व आदानों का निशुल्क वितरण भी किया जा रहा है।
विश्व बैंक मिशन ने 1 जून को वाराणसी में धान उत्पादन में किए जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया। इस दौ किसानों के साथ संवाद कर यह समझा गया कि नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादन क्षमता, लागत प्रबंधन खेती की जलवायु अनुकूलता पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। किसानों ने परियोजना से प्राप्त तकनीकी मार्गदर्शन प्रशिक्षण को लाभकारी बताया।
इसी क्रम में 2 जून को मिशन ने बहराइच जिले के बघेल ताल क्षेत्र का दौरा कर कृषि सम्बद्ध क्षेत्र मत्स्यपालन अंतर्गत कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। इनमें आधुनिक तकनीकों का प्रयोग एवं आनुवंशिक रूप से उत् मत्स्य बीज उपलब्ध कराना शामिल है।
मिशन के दौरान 3 और 4 जून को राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई के साथ विस्तृत समीक्षा बैठकें आयोजित गईं जिनमें योजना के संचालन एवं क्रीयनवन से संबन्धित बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। परियोजना की अब तक प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मिशन के सदस्यों ने कहा कि यूपीएग्रीज उत्तर प्रदेश में जलवायु प्रभावित जनपदों में आधुनिक, विज्ञान-आधारित, और बाजारोन्मुख कृषि विकास को गति देने के साथ-साथ किसानों आय और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
5 जून को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित अद्यतन प्रस्तुति एवं भविष्य की कार्ययोजना बैठक परियोजना के विस्तार, नवाचारों और साझेदारियों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव (कृषि), अपर परियोज समन्वयक (यूपीडास्प) तथा विश्व बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

