ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : गाजियाबाद के मोदीनगर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में शनिवार को महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बढ़े हुए बिजली बिल, उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर स्थापना और अधिकारियों की अनदेखी से नाराज महिलाओं ने पहले तहसील परिसर में धरना दिया और बाद में दिल्ली-मेरठ मार्ग को जाम कर दिया।
बेगमाबाद और लंकापुरी सहित आसपास की कॉलोनियों से बड़ी संख्या में महिलाएं मोदीनगर तहसील पहुंचीं, जहां उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उनकी जानकारी और अनुमति के बिना घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मीटर हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें न माने जाने पर वे स्वयं मीटर हटाने को मजबूर होंगी।
तहसील स्तर पर सुनवाई न होने के बाद महिलाएं सड़क पर उतर आईं और दिल्ली-मेरठ मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब 20 मिनट तक चले इस विरोध के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया।
बढ़े बिजली बिल से आक्रोश
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उनका आरोप है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के हित में नहीं है और इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सड़क जाम के बाद महिलाएं गोविंदपुरी स्थित बिजलीघर पहुंचीं और एसडीओ से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही अधिकारी कार्यालय से जा चुके थे। इससे नाराज महिलाओं ने परिसर में ही धरना दिया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने की भी चेतावनी दी है।
वहीं, प्रशासन की ओर से एसडीएम अजीत सिंह ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा निगम के अधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

