तुंगारेश्वर अभयारण्य की आदिवासी भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप, कार्रवाई की मांग

मुंबई/वसई: वसई के वार्ड क्रमांक 27 स्थित तुंगारेश्वर क्षेत्र में वन भूमि पर कथित रूप से किए गए दो मंजिला निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में शिकायतकर्ता समरजीत रामलोचन यादव ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से निर्माण की वैधता की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार तुंगारेश्वर अभयारण्य क्षेत्र के सर्वे नंबर 32 में स्थित आदिवासी भूमि पर कथित रूप से अनधिकृत निर्माण किए जाने की शिकायत सामने आई है। इस संबंध में समरजीत रामलोचन यादव ने संबंधित प्रशासन को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, एस.आर. इंग्लिश हाई स्कूल के नाम से संचालित संस्थान की इमारत कथित तौर पर वन विभाग की भूमि पर स्थित है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि निर्माण के लिए आवश्यक सरकारी एवं वैधानिक अनुमतियां प्राप्त की गई हैं या नहीं, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इमारत की सुरक्षा और निर्माण संबंधी नियमों की भी जांच की मांग की गई है।

शिकायत में शिवकुमार मौर्य का नाम भी सामने आया है और कथित निर्माण से उनकी भूमिका की जांच किए जाने की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

शिकायत के अनुसार, उक्त जमीन पर कथित तौर पर दो मंजिला इमारत का निर्माण कर अंग्रेजी माध्यम का स्कूल संचालित किया जा रहा है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि स्कूल में कक्षा पहली से दसवीं तक करीब 2,000 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि उक्त इमारत वन भूमि पर स्थित है, तो निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति तथा स्कूल संचालन से संबंधित वैधानिक मंजूरियां प्राप्त की गई हैं या नहीं। उन्होंने संबंधित विभागों से निर्माण और स्कूल की सभी अनुमतियों की जांच करने की मांग की है।

शिकायत में आगे कहा गया है कि यदि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो MRTP कानून के तहत संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

शिकायत की प्रतियां आयुक्त, महापौर, वन निरीक्षक तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों को भी भेजे जाने की जानकारी पत्र में दी गई है।

⚠️ महत्वपूर्ण: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए पत्र पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित प्रशासन, वन विभाग और स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

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