ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नई दिल्ली। वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में कॉर्पोरेट गवर्नेंस एक्सीलेंस समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया। सम्मेलन में कॉर्पोरेट प्रशासन, जिम्मेदार नेतृत्व और बोर्डरूम मानकों को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान 100 भावी निदेशकों को प्रमाणित उपाधियां प्रदान की गईं।
वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और डायरेक्टर्स इंस्टीट्यूट वर्ल्ड काउंसिल ऑफ डायरेक्टर्स के संयुक्त आयोजन में वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (WASME) ने सहयोग किया। सम्मेलन की थीम ‘विश्वसनीय वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बोर्डों का निर्माण’ रही।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 100 भावी निदेशकों को ‘सर्टिफाइड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर’ और ‘सर्टिफाइड इंटरनेशनल कॉर्पोरेट डायरेक्टर’ की उपाधियां प्रदान करना रहा। इन प्रतिभागियों ने संस्थान का निर्धारित प्रशिक्षण और मूल्यांकन कार्यक्रम पूरा किया। इसके साथ ही अनुभवी निदेशकों और कार्यक्रम के स्नातकों को भी सम्मानित किया गया।
वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ जीशान पठान ने कहा कि विश्वास, पूंजी से भी तेजी से आगे बढ़ता है। संगठन प्रशिक्षित और सक्षम निदेशक मंडलों के माध्यम से विश्वास कायम करने की दिशा में काम कर रहा है। वहीं, डायरेक्टर्स इंस्टीट्यूट वर्ल्ड काउंसिल ऑफ डायरेक्टर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ डॉ. हेवल मेहता ने कहा कि प्रभावी निदेशक बनने की तैयारी बोर्डरूम तक पहुंचने से काफी पहले शुरू हो जाती है। इसके लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण आवश्यक है, ताकि निदेशक अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें।
वर्ल्ड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएफओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (गवर्नेंस एंड ऑपरेशंस स्ट्रैटेजी) अयूब शेख ने प्रमाणन प्रक्रिया में निर्धारित मानकों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रमाणन की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मानकों का सख्ती से पालन करना जरूरी है।
सम्मेलन के दौरान कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रशासनिक (ESG) नेतृत्व से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। संस्थान के अनुसार, वह भारत और मध्य पूर्व में अब तक 7,000 से अधिक निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है।
वर्ष 2025 के आयोजन के बाद आयोजित यह सम्मेलन कॉर्पोरेट गवर्नेंस, पारदर्शिता और जिम्मेदार नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एक वार्षिक मंच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

