(नई दिल्ली)हरियाणा के ‘धाकड़ ताऊÓ : 75 साल की उम्र में 401 मेडल और 300 से ज्यादा सर्टिफिकेट्स, रिकॉर्ड्स बुक में दर्ज है नाम
नई दिल्ली ,18 अगस्त ,। हरियाणा स्थित चरखी-दादरी के रहने वाले रामकिशन शर्मा के नाम एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा मेडल और सर्टिफिकेट जीतने का रिकॉर्ड है, जिन्होंने 2016 से 2025 के बीच राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में 401 मेडल और 336 सर्टिफिकेट अपने नाम किए हैं।
5 मई 1950 को जन्मे रामकिशन शर्मा ने 65 साल की उम्र में ‘मास्टर एथलेटिक्स गेम्सÓ की शुरुआत की थी। आज उनका ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्सÓ और ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्सÓ में दर्ज है।
हरियाणा के ‘धाकड़ ताऊÓ ने 25 दिसंबर 2016 से मास्टर एथलेटिक्स गेम्स में हिस्सा लेना शुरू किया था, जो 30 या 35 वर्ष और उससे अधिक आयु के एथलीट्स के लिए आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं की एक श्रेणी है। इसे ‘वेटरन एथलेटिक्सÓ भी कहा जाता है। करीब 10 वर्षों में रामकिशन शर्मा ने ये उपलब्धि हासिल कर ली।
रामकिशन 100 मीटर दौड़, 200 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, 800 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, हर्डल और ट्रिपल जंप जैसे इवेंट्स में हिस्सा लेते हैं। उनके पास राष्ट्रीय स्तर पर 162 गोल्ड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10 गोल्ड मेडल हैं। इनके अलावा, 98 गोल्ड राज्य स्तर पर भी जीते हैं। रामकिशन 27 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम कर चुके हैं।
कोरोना काल में रामकिशन ने आर्य समाज की टीम के साथ, घर-घर जाकर सरकारी/गैर-सरकारी इमारतों में मास्क और राशन वितरण किया था, उनके पास कोरोना योद्धा के तौर पर 40 सर्टिफिकेट भी हैं। आज बतौर ‘कोरोना योद्धाÓ उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्डÓ में दर्ज है।
रामकिशन 30-35 साल से नशा मुक्ति अभियान में जुड़े हैं, जिन्हें करीब 40 गांवों से सम्मान पत्र मिले हैं। रामकिशन 75 साल की उम्र में भी फिटनेस के मामले में युवाओं को मात दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, आज का युवा नशे की गिरफ्त में है, वो बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, शराब के आदि हैं। नशे से उनकी जिंदगी खराब हो रही है। नशा नाश की जड़ है। मैं उनसे अपील करता हूं कि नशे से बचें और सुबह 4 बजे बिस्तर छोड़ दें। मैदान पर जाएं और प्रैक्टिस करें, योगा करें।
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(नई दिल्ली)भारत के आयुष शेट्टी ने दुनिया के नंबर-1 बैडमिंटन खिलाड़ी को हराकर रचा इतिहास, पीवी सिंधु भी जीतीं
नई दिल्ली ,18 अगस्त ,। भारत की राजधानी दिल्ली में शुरू हुई बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले ही दिन एक ऐसा बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जिसने खेल जगत को पूरी तरह से चौंका दिया है। भारत के उभरते हुए युवा बैडमिंटन स्टार आयुष शेट्टी ने अपने असाधारण खेल से इतिहास रचते हुए वर्ल्ड चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 चीनी खिलाड़ी शी यू ची को टूर्नामेंट के पहले ही राउंड में बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दुनिया के 22वें नंबर के भारतीय शटलर की इस ऐतिहासिक और अविश्वसनीय जीत से पूरे स्टेडियम और देश में खुशी की लहर दौड़ गई है।
रोमांचक मुकाबले में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को दी करारी मात
नई दिल्ली के ऐतिहासिक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सोमवार से इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का शानदार आगाज हुआ। मेंस सिंगल्स के पहले राउंड में आयुष शेट्टी के सामने चीन के दिग्गज और मौजूदा वर्ल्ड नंबर-1 शी यू ची की बेहद कठिन चुनौती थी। लेकिन भारतीय युवा स्टार ने बिना किसी दबाव के कोर्ट पर अपना दबदबा दिखाया। आयुष ने इस बेहद रोमांचक मुकाबले को 21-14, 13-21 और तीसरे निर्णायक गेम में शानदार जीत दर्ज करते हुए अपने नाम कर लिया। इस करारी हार के साथ ही चीनी चैंपियन का सफर पहले ही दौर में खत्म हो गया है और भारतीय स्टार ने दूसरे राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली है।
जूनियर से लेकर सीनियर तक, आयुष शेट्टी का शानदार सफर
आयुष शेट्टी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने सबसे पहले साल 2023 की वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी खास पहचान बनाई थी। इसके बाद उन्हें सबसे बड़ी कामयाबी साल 2025 के यूएस ओपन में मिली थी, जहां उन्होंने फाइनल मुकाबले में कनाडा के ब्रायन यांग को 21-18, 21-13 से हराकर अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ (क्चङ्खस्न) वर्ल्ड टूर खिताब अपने नाम किया था। अपनी इसी लय को बरकरार रखते हुए आयुष ने 2026 की बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया था और सिल्वर मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
पीवी सिंधु का भी धमाकेदार आगाज, एकतरफा मुकाबले में दर्ज की जीत
भारत की दिग्गज महिला शटलर और दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की है। वर्ल्ड नंबर-9 सिंधु ने विमेंस सिंगल्स के अपने पहले मैच में आयरलैंड की सोफिया नोबल को महज 29 मिनट चले एकतरफा मुकाबले में 21-7, 21-11 से करारी शिकस्त दी। सिंधु ने पहले गेम में शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए 8-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी और 21 साल की सोफिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हालांकि दूसरे गेम में 141वीं रैंकिंग वाली नोबल ने थोड़ा बेहतर खेल दिखाया और ब्रेक तक वह सिंधु से सिर्फ 3 अंक ही पीछे थीं, लेकिन भारतीय दिग्गज ने अनुभव का फायदा उठाते हुए अगले 13 में से 10 अंक झटक कर मैच आसानी से अपने नाम कर लिया। अब दूसरे राउंड में पीवी सिंधु का सामना कनाडा की वेन यू झांग से होगा।
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(एडिनबर्ग)विश्व कप 2027 में क्वालीफाई करने का हमारे पास अच्छा मौका : ओवेन डॉकिन्स
एडिनबर्ग ,18 अगस्त ,। स्कॉटलैंड क्रिकेट टीम के कोच ओवेन डॉकिन्स ने कहा है कि उनकी टीम 12 साल का सूखा खत्म करने और अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने की अच्छी स्थिति में है। स्कॉटलैंड आखिरी बार वनडे विश्व कप 2015 में खेली थी। स्कॉटलैंड ने आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 टूर्नामेंट में अच्छी कोशिशों के बाद अगले साल के क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालीफायर इवेंट के लिए जगह बना ली है। वे अब अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में क्वालीफाई करन से एक कदम दूर हैं। स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की करने के लिए 2027 की शुरुआत में क्वालीफायर इवेंट में टॉप चार में जगह बनानी होगी। ओवेन डॉकिन्स ने क्रिकेट स्कॉटलैंड बातचीत में कहा, हम अभी अच्छी जगह पर हैं। इस सीरीज ने हमारी टीम के कैरेक्टर और क्षमता को दिखाया है। ग्लोबल क्वालीफायर के लिए क्वालीफिकेशन हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है, और इसमें शामिल हर कोई हमारी तरक्की पर गर्व कर सकता है।
उन्होंने कहा, वनडे क्रिकेट वैश्विक गेम के लिए एक बहुत जरूरी फॉर्मेट बना हुआ है, और अगर हम दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वर्ल्ड कप तक पहुंचते हैं तो यह एक शानदार कामयाबी होगी। यह एक ग्रुप के तौर पर हमारे लिए सबसे बड़ी कामयाबी होगी। यह एक ऐसा फॉर्मेट है जिसकी हमें और वर्ल्ड क्रिकेट को जरूरत है, ताकि हमारे खिलाड़ियों को विकसित होने में मदद मिल सके और हमारा खेल आगे बढ़ सके, कामयाब हो सके।
स्कॉटलैंड मे हाल ही में अपने घरेलू मैदान पर कनाडा और यूएई के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज में शीर्ष टीम रही थी।
डॉकिन्स ने कहा, पिछले दो सप्ताह में कुछ शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। फिन मैक्रीथ ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक बनाया। रिची बेरिंगटन ने फाइनल में शतक लगाया। लाइल रॉबर्टसन ने डेब्यू करते हुए वनडे क्रिकेट इतिहास का चौथा सर्वश्रेष्ठ स्पेल फेंका। हालांकि, मुझे सबसे जयादा संतुष्टि टीम के प्रदर्शन से मिलती है।
उन्होंने कहा, यह सफलता किस्मत की वजह से नहीं है। टीम स्किल की वजह से मिली है। सफलता में टीम में शामिल सभी लोगों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और समर्पण का सहयोग है। यह कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ के शानदार काम को भी दिखाता है, जिससे खिलाड़ियों को अपनी योजना में ज्यादा स्पष्टता मिली और ज्यादा फिट, ज्यादा मजबूत और बेहतर तरीके से टिके रहने और उन कड़े गेम जीतने में मदद मिली।
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(गाले)गाले टेस्ट : दिनेश चांदीमल चोटिल, स्कैन के लिए भेजा गया अस्पताल
गाले ,18 अगस्त ,। श्रीलंका को भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के चौथे दिन बड़ा झटका लगा। अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए। चांदीमल को कंधे और गर्दन में चोट लगी है। उन्हें स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मंगलवार को पहले सेशन में फील्डिंग करते समय बाउंड्री रोकने के लिए डाइव लगाते समय चांदीमल के दाहिने कंधे और गर्दन में चोट लग गई। श्रीलंका क्रिकेट ने कहा, टीम के फिजियोथेरेपिस्ट और चिकित्सकों ने ग्राउंड पर उनकी जांच की और उन्हें एहतियात के तौर पर स्कैन के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया है। स्कैन की रिपोर्ट आने के बाद उनकी इंजरी का अपडेट दिया जाएगा।
केएल राहुल के डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की तरफ से लगाए स्वीप को रोकने के लिए चांदीमल आगे बढ़े। उन्होंने गेंद को रोक दिया, लेकिन खुद को चोटिल कर बैठे। वे पूरी तरह से गिर गए, और उनके शरीर का पूरा वजन उनकी गर्दन पर आ गया। उन्हें अपनी गर्दन का पिछला हिस्सा पकड़े हुए देखा गया। फिजियो देखने आए, फिर उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा।
चांदीमल श्रीलंका के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। पहली पारी में वह महज 4 रन बना सके थे, लेकिन मैच की परिस्थितियों को देखते हुए दूसरी पारी में वह बेहद अहम हो सकते हैं। श्रीलंका चाहेगी कि उनकी इंजरी ज्यादा गंभीर न हो।
मैच की बात करें तो भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए देवदत्त पड्डिकल के 167 और केएल राहुल के 82 रन की बदौलत पहली पारी में 462 रन बनाए थे। श्रीलंका पहली पारी में 284 रन पर सिमट गई और भारतीय टीम से पहली पारी के आधार पर 178 रन से पिछड़ रही है। टीम इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में रिपोर्ट लिखे जाने तक 27.3 ओवर में 4 विकेट पर 111 रन बना लिए थे।
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(मुंबई)वैश्विक तनावों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार पर दबाव; सेंसेक्स 365 अंक टूटा, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला
मुंबई ,18 अगस्त ,। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों के 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। यह लगातार छठा दिन है जब बाजार में बिलवाली देखने को मिली है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,728.16 से 309.19 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 77,418.97 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,287.65 से 0.26 प्रतिशत गिरकर 24,223.85 लेवल पर खुला।
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 263.98 अंकों यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,464.18 पर कारोबार करता नजर आया। दिन के सत्र में इसने 77,575.21 का हाई और 77,362.19 का लो बनाया, जो 365 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
वहीं निफ्टी 50 42.40 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर करीब 24,245.25 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। दिन के सत्र में इसने 24,211.10 का लो और 24,269.65 का हाई बनाया।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप में 0.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सेक्टोरल मोर्चे पर सबसे ज्यादा दबाव निफ्टी आईटी इंडेक्स में देखने को मिला, जो 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.62 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, मीडिया, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में भी बिकवाली का रुख रहा।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में मजबूती भी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो इंडेक्स लगभग 0.40 प्रतिशत चढ़ा, जबकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी जारी है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 4.73 प्रतिशत पर पहुंचने से इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ा है। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के लिए उभरते बाजारों में निवेश को कम आकर्षक बना सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि निकट अवधि में कच्चे तेल के ऊंचे भाव भारतीय बाजार की तेजी को सीमित कर सकते हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई, चालू खाते के घाटे और कॉरपोरेट लागत पर पड़ सकता है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और कॉरपोरेट आय में सुधार के संकेत घरेलू बाजार को सहारा दे सकते हैं। उनका कहना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के पास पर्याप्त नकदी है और वे बड़ी गिरावट आने पर खरीदारी कर सकते हैं। साथ ही खुदरा निवेशक भी बाजार में कमजोरी का उपयोग लंबी अवधि के लिए अच्छे शेयरों में निवेश बढ़ाने के अवसर के रूप में कर सकते हैं।
बाजार में यह दबाव ऐसे समय आया है जब रिपोर्टों में संकेत मिले हैं कि ईरान अधिक आक्रामक रणनीति अपना सकता है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम व्यवस्था को आगे बढ़ाने की संभावना से इनकार किया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।
इन घटनाक्रमों के बाद ब्रेंट क्रूड पिछले बंद स्तर से करीब 0.60 प्रतिशत बढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 85.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और तेल बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बनी हुई है।
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(नई दिल्ली)मानसून की कमी और अल नीनो के असर से खरीफ बुआई घटकर 1016.57 लाख हेक्टेयर, धान का रकबा 14.37 फीसदी कम
नई दिल्ली ,18 अगस्त ,। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल 14 अगस्त तक देशभर में चालू सीजन में खरीफ फसलों की बुआई का कुल क्षेत्रफल 1016.57 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 1037.52 लाख हेक्टेयर था।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक धान की खेती का रकबा 379.07 लाख हेक्टेयर रहा है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 393.44 लाख हेक्टेयर था। बुवाई के रकबे में आई 14.37 प्रतिशत की इस कमी का कारण इस साल मानसून की कमी और ‘अल नीनो’ मौसम पैटर्न का बुरा असर है।
उड़द और मूंग जैसी दालों की खेती का रकबा 108.14 लाख हेक्टेयर पर स्थिर रहा है (पिछले साल इसी अवधि में यह 108.49 लाख हेक्टेयर था), क्योंकि इन फसलों को कम पानी की जरूरत होती है।
ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाजों या मिलेट्स की खेती का रकबा मौजूदा सीजन में अब तक 172.96 लाख हेक्टेयर आंका गया है, जो पिछले साल इसी अवधि के 177.13 लाख हेक्टेयर से कम है।
गन्ने की खेती का रकबा, जो एक सालाना फसल है और जल्दी बोई जाती है, अब तक 58.31 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 58.62 लाख हेक्टेयर था।
मौजूदा खरीफ सीजन में अब तक कपास की बुवाई का रकबा 107.30 लाख हेक्टेयर आंका गया है, जो पिछले साल बोए गए 108.26 लाख हेक्टेयर के लगभग बराबर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी।
मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में यह बढ़ोतरी केंद्रीय बजट 2018-19 की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर तय करने की बात कही गई थी।
उत्पादन लागत पर किसानों को मिलने वाला अनुमानित मार्जिन मूंग (61 प्रतिशत) के मामले में सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है, इसके बाद बाजरा (56 प्रतिशत), मक्का (56 प्रतिशत) और तुअर/अरहर (54 प्रतिशत) का स्थान है। एक सरकारी बयान के मुताबिक, बाकी फसलों के लिए किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत का मार्जिन मिलने का अनुमान है।
हाल के वर्षों में, सरकार ने अनाज के अलावा दूसरी फसलों, जैसे दालों, तिलहन और न्यूट्री-सीरियल्स (पौष्टिक अनाज), की खेती को भी बढ़ावा दिया है और इनके लिए ज्यादा एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की पेशकश की है।
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(नई दिल्ली)सेबी ने प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा, घटनाओं की रिपोर्टिंग को मजबूत करने के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए
नई दिल्ली ,18 अगस्त ,। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने सोमवार को प्रतिभूति बाजार के पूरे इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा, साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग और जानकारी साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दो नई पहल की घोषणा की।
साइबर डिफेंस पर आयोजित सेबी के एक सेमिनार को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि साइबर खतरे संगठनात्मक और नियामकीय सीमाओं से परे होते हैं और इनका असर आपस में जुड़े संस्थानों, यहां तक कि राष्ट्रीय सीमाओं के पार भी हो सकता है।
प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के प्रयासों के तहत सेबी ने संशोधित इंसिडेंट रिपोर्टिंग पोर्टल और नया साइबर सुरक्षा पोर्टल लॉन्च किया है।
पांडे ने कहा कि किसी एक संगठन से शुरू होने वाली साइबर घटना वेंडरों, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, थर्ड पार्टी या अन्य जुड़े संस्थानों के जरिए फैल सकती है। इसलिए साइबर रेजिलिएंस को केवल अलग-अलग संगठनों के स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे वित्तीय इकोसिस्टम में मजबूत करने की जरूरत है।
संशोधित सेबी इंसिडेंट रिपोर्टिंग पोर्टल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाओं की रिपोर्टिंग को अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और उपयोगी बनाना है। यह पोर्टल वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी) के लिए घटना रिपोर्टिंग एक्सचेंज प्रारूप (फायर)के अनुरूप है। इसका उद्देश्य घटना रिपोर्टिंग में अधिक एकरूपता लाना और सीमा-पार रिपोर्टिंग में आने वाली दिक्कतों को कम करना है।
दूसरी पहल, साइबर सुरक्षा पोर्टल , हितधारकों के बीच साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करेगा। इसके माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी, कमजोरियों से संबंधित चेतावनियां, नीतिगत उपाय और साइबर घटनाओं से मिले अनुभव साझा किए जा सकेंगे।
पांडे ने कहा कि ये केवल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म नहीं हैं। इनकी प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संस्थान इनका इस्तेमाल सूचना साझा करने, घटनाओं से सीखने और तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए कितनी प्रभावी तरीके से करते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी एक संस्थान पर हुए साइबर हमले से मिली सीख दूसरे संस्थानों की सुरक्षा में मदद करनी चाहिए। इसी तरह नियामकों या विभिन्न देशों द्वारा विकसित प्रभावी साइबर सुरक्षा उपाय पूरे वित्तीय इकोसिस्टम के लिए काम कर सकते हैं।
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(नईर् दिल्ली)एमजी की नई इलेक्ट्रिक एसयूवी जल्द होगी लान्च, फीचर्स और रेंज के बारे में पढ़िए
नई दिल्ली ,18 अगस्त ,। बाजार में एमजी की ओर से जल्द ही नई इलेक्ट्रिक एसयूवी के तौर पर रूत्र ॥द्गष्ह्लशह्म् ञ्जशद्वड्डद्धड्ड2द्म को लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है। निर्माता की ओर से इस एसयूवी में किस तरह के फीचर्स को दिया जा सकता है। कितनी रेंज के साथ इसे ऑफर किया जा सकता है। किस कीमत पर लॉन्च किया जा सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
लॉन्च होगी नई श्वङ्क
एमजी की ओर से भारतीय बाजार में जल्द ही नई गाड़ी को लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है। निर्माता की ओर से रूत्र ॥द्गष्ह्लशह्म् ञ्जशद्वड्डद्धड्ड2द्म नाम से लॉन्च की जाने वाली एसयूवी को इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में ऑफर किया जाएगा। इस एसयूवी को रूत्र ्रस्रड्डश्चह्ल प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है।
कितनी होगी रेंज:
एमजी की ओर से नई एसयूवी में 60 ्यङ्खद्ध की क्षमता की बैटरी को दिया जा सकता है। जिसको फुल चार्ज करने के बाद करीब 500 से 550 किलोमीटर तक की रेंज मिल सकती है। इसमें सिंगल मोटर को दिया जा सकता है। जिससे इसे 136 पीएस की पावर और 200 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिल सकता है।
कैसे होंगे फीचर्स:
निर्माता की ओर से इस एसयूवी के फ्रंट में सी आकार में एलईडी डीआरएल को दिया जाएगा। इसमें एलईडी हेडलाइट, एलईडी टेल लाइट, सात सीटों का विकल्प, प्रीमियम इंटीरियर, रूफ रेल, पैनोरमिक सनरूफ जैसे कई बेहतरीन फीचर्स को दिया जाएगा। इसके साथ ही इसमें फ्लैट बोनट, बॉडी क्लैडिंग, 12.8 इंच इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलैस चार्जर, रुद्ग1द्गद्य-2 ्रष्ठ्रस् जैसे कई फीचर्स भी दिए जा सकते हैं।
कब होगी लॉन्च:
निर्माता की ओर से एमजी की नई एसयूवी को भारत में औपचारिक तौर पर 26 अगस्त को लॉन्च किया जाएगा। जिसके बाद इसकी डिलीवरी को भी तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
कितनी होगी कीमत:
एमजी की ओर से जब इस एसयूवी को लॉन्च किया जाएगा, तभी कीमत की सही जानकारी मिल पाएगी। लेकिन उम्मीद है कि इस एसयूवी
को भारत में 18 से 20 लाख रुपये की एक्स शोरूम कीमत पर ऑफर किया जा सकता है।
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