नोएडा के सेक्टर 31 में WPU गोवा ओपन हाउस, आजीवन सीखने की जरूरत पर हुई विशेष चर्चा
ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा, 20 जून 2026। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और तेज़ी से बदलती तकनीकों के दौर में करियर की प्रकृति लगातार बदल रही है। ऐसे में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल छात्रों को उनकी पहली नौकरी के लिए तैयार करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें जीवनभर आने वाले करियर बदलावों और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना चाहिए। यह विचार World Peace University Goa (WPU गोवा) द्वारा नोएडा में आयोजित ओपन हाउस कार्यक्रम के दौरान प्रमुख वक्ताओं ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भावी छात्र, अभिभावक और शिक्षाविद शामिल हुए। इस दौरान उच्च शिक्षा के भविष्य, बदलती वैश्विक परिस्थितियों और विश्वविद्यालयों से बढ़ती अपेक्षाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा का मुख्य केंद्र WPU गोवा का ट्रांसडिसिप्लिनरी शिक्षा मॉडल रहा, जिसका उद्देश्य छात्रों को किसी एक विषय तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों की समझ विकसित करना और जटिल वास्तविक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना है।
WPU गोवा के कुलपति प्रोफेसर Walter Leal ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना ट्रांसडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण पर आधारित है, जो छात्रों और शिक्षकों को पारंपरिक विषयगत सीमाओं से आगे बढ़कर सोचने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इमर्सिव लर्निंग, उद्योगों के साथ सहयोग, वैश्विक अनुभव और सक्रिय शिक्षण के माध्यम से विश्वविद्यालय ऐसे स्नातक तैयार करना चाहता है, जो आजीवन सीखने, नेतृत्व और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने में सक्षम हों।
वहीं, WPU गोवा के प्रो-वाइस चांसलर आशीष भारद्वाज ने कहा कि आज का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि छात्र अपनी पहली नौकरी के लिए कितने तैयार हैं, बल्कि यह है कि वे अपने पूरे पेशेवर जीवन में आने वाले बदलावों, अवसरों और चुनौतियों का सामना करने के लिए कितने सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य उन लोगों का होगा जो लगातार सीखने, विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान को जोड़ने और नई परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि उद्योगों में बदलाव की गति पारंपरिक शैक्षणिक ढांचे की तुलना में कहीं अधिक तेज हो गई है। नए पेशे लगातार उभर रहे हैं और कई पारंपरिक भूमिकाओं का स्वरूप बदल रहा है। ऐसे में केवल तकनीकी विशेषज्ञता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभिन्न विषयों में सीखने, अनुकूलन करने और सहयोग के साथ काम करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती जा रही है।
चर्चा में जिज्ञासा, लचीलापन और आजीवन सीखने की मानसिकता को भविष्य के करियर के लिए आवश्यक गुण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को अब केवल मौजूदा रोजगारों के लिए प्रशिक्षण देने के बजाय, छात्रों को उन अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा जिनकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती।
WPU गोवा वर्तमान में बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग), बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (ऑनर्स), बी.डिज़ाइन (इंटीग्रेटेड प्रोडक्ट डिज़ाइन), बी.डिज़ाइन (कम्युनिकेशन डिज़ाइन) और बी.एससी. (ऑनर्स) साइकोलॉजी जैसे कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की दुनिया में सफलता केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि लगातार सीखने, बदलावों को स्वीकार करने और नई चुनौतियों का समाधान खोजने की क्षमता ही छात्रों को आगे बढ़ाएगी। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए WPU गोवा अपने ट्रांसडिसिप्लिनरी शिक्षा मॉडल के माध्यम से भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को तैयार करने का प्रयास कर रहा है।

