पुरातन छात्र सम्मेलन में गूंजे हंसी-खुशी, अनुभव और सफलता के मंत्र: लोगों ने शेयर किए अपने अपने अनुभव और कामयाबी
सिटी रिपोर्टर सुल्तानपुर
2010 बैच को मिली अगला सम्मेलन कराने की जिम्मेदारी
सुल्तानपुर। विवेक नगर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में रविवार को प्रथम पुरातन छात्र सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। इसमें वर्ष 2004 से 2019 तक के डीएलएड/बीटीसी के करीब 1100 पुरातन प्रशिक्षु शामिल हुए। लंबे समय बाद साथियों से मिलन और छात्र जीवन की यादें ताज़ा होने पर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे।
सम्मेलन का शुभारंभ उप शिक्षा निदेशक एवं मुख्य अतिथि हरिकेश यादव ने दीप प्रज्वलन कर किया। सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से वातावरण भावनात्मक और ऊर्जावान हो उठा। प्रशिक्षुओं ने नृत्य, नाटक और गीत की प्रस्तुतियों से देशभक्ति व उत्साह का संचार किया।
डायट प्राचार्य हरिकेश यादव ने पूर्व प्रशिक्षुओं को संस्थान की धरोहर बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से वर्तमान प्रशिक्षु लाभान्वित होंगे। प्रवक्ता शशांक शेखर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. हरिओम त्रिपाठी ने मंच संचालन करते हुए संस्थान की उपलब्धियों व भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में प्रत्येक बैच के प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा कर वर्तमान पीढ़ी को व्यक्तित्व विकास, करियर निर्माण और बदलती परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाने की प्रेरणा दी।इस मौके पर अर्चना आर्या, के.पी. त्रिपाठी, शैलेष मौर्य, राजीव सिंह, दिलीप शर्मा, अजय सरोज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। संयोजक डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने सभी का आभार जताया। समिति के अध्यक्ष केशर नाथ और सचिव राजकुमार गुप्ता ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
विशेष पहल के तहत रोजगार की तलाश कर रहे प्रशिक्षुओं के लिए प्लेसमेंट ड्राइव भी आयोजित की गई। जिन पुरातन छात्रों को अब तक नौकरी नहीं मिली है, उनका विवरण दर्ज कर अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।कार्यक्रम के समापन पर सभी पुरातन प्रशिक्षु एक-दूसरे से गले मिले और इस परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसी क्रम में वर्ष 2010 बैच को अगले सम्मेलन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

