पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों का सांकेतिक धरना

पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों का सांकेतिक धरना

28 जून 2024 के शासनादेश के अनुपालन और लंबित प्रकरणों के निस्तारण की उठाई मांग, सौंपा ज्ञापन

फोटो-06

बाराबंकी। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को गन्ना दफ्तर परिसर में विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना दिया। सेवानिवृत्त शिक्षक विनोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में आयोजित धरने में शिक्षकों ने लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने और 28 जून 2024 के शासनादेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठाई। धरना समाप्त होने के बाद शिक्षकों ने जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि लंबे समय से पेंशन संबंधी प्रकरण लंबित होने के कारण संबंधित शिक्षक आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शासनादेश के अनुरूप पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। साथ ही लंबित विकल्प-पत्रों और अभ्यावेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि सेवानिवृत्त शिक्षकों को राहत मिल सके। उन्होंने एनपीएस अंशदान के नियमानुसार समायोजन की प्रक्रिया पूरी करने और समान परिस्थितियों वाले शिक्षकों के मामलों में समानता के आधार पर निर्णय लेने पर भी जोर दिया। शिक्षकों का कहना था कि पात्रता और लागू नियमों के अनुरूप उनके पेंशन संबंधी मामलों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। पवन शंकर दीक्षित ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन के विरोध में नहीं, बल्कि पात्र शिक्षकों के पेंशन संबंधी अधिकारों और न्यायोचित मांगों के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों के कारण शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शासन-प्रशासन को इन मामलों में गंभीरता दिखाते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, सर्वजीत सिंह ने शासन और प्रशासन से शिक्षकों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लंबित पेंशन प्रकरणों का समाधान होने से संबंधित शिक्षकों को राहत मिलेगी और उनमें व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत होगा। धरने में शामिल शिक्षकों ने एकजुट होकर पुरानी पेंशन का लाभ सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि शासनादेश के प्रभावी अनुपालन के साथ लंबित मामलों का निष्पक्ष निस्तारण किया जाना जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया। इस दौरान सुभाष तिवारी, रामानंद, नरेंद्र कुमार, आलोक सिंह, रोहित, राममिलन, नरेंद्र, सुरेंद्र, तृप्ति पांडेय, सीमा, रामगनेश, राम कुमार यादव, राम नरेश, विक्रम सिंह, कुलदीप, दिलीप तिवारी, शिवाजी मिश्रा, अमित रावत और राज कुंवर दुबे सहित सैकड़ों विशिष्ट बीटीसी शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने एक स्वर में मांग की कि पात्रता के अनुरूप पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा

ए।

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