फ़ीनिक्स पलासियो में 11 से 20 अक्टूबर तक दुर्गा पूजो का उत्सव, बंगाली परंपराओं और संस्कृति के रंगों से सजा आयोजन,लखनऊ में 10 दिवसीय उत्सव के दौरान धाक, धुनुची नृत्य, बंगाली लोक प्रस्तुतियों, शास्त्रीय नृत्य और लाइव संगीत के जरिए दिखेगी बंगाल की सांस्कृतिक विरासत की झलक
लखनऊ।लखनऊ के फ़ीनिक्स पलासियो में शारद नवरात्रि के पहले दिन 11 अक्टूबर से दुर्गा पूजो का 10 दिवसीय उत्सव शुरू हो चुका है, जो 20 अक्टूबर तक चलेगा। इस आयोजन में भक्ति, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक मेलजोल के साथ मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। पारंपरिक पूजा और खास तौर पर तैयार किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बंगाल की समृद्ध परंपराओं को सामने लाया जा रहा है।
11 अक्टूबर को उत्सव की शुरुआत पारंपरिक धाक की थाप और धुनुची नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ हुई। इन प्रस्तुतियों ने बंगाल की परंपराओं और भक्ति से जुड़े उत्सव का माहौल बनाया। इसके बाद फ़ीनिक्स पलासियो की ओर से दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इस शुभ शुरुआत के साथ मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया गया।
उत्सव के तहत 16 से 18 अक्टूबर तक खास तौर पर तैयार किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में दिल्ली और कोलकाता के सांस्कृतिक समूह बंगाल की समृद्ध कला और परंपराओं को लखनऊ के लोगों के सामने पेश करेंगे।
16 अक्टूबर को दिल्ली के नाट्य बंगाली ग्रुप की ओर से बंगाली लोक और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके बाद शाम को कोलकाता के ममता मन्ना ग्रुप की ओर से रवींद्र संगीत और काजी नजरुल इस्लाम की रचनाओं से प्रेरित लोक संगीत पेश किया जाएगा।
17 अक्टूबर को पारंपरिक धाक की थाप और धुनुची नृत्य की लय से भरी प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद मयूरभंज छऊ नृत्य पेश किया जाएगा। कार्यक्रम में कोलकाता के कलाकारों की ओर से बाउल बंगाली लोक संगीत की प्रस्तुति भी दी जाएगी।
18 अक्टूबर को धाक और धुनुची नर्तकों के साथ भक्तिमय आरती होगी। इसके बाद एक बंगाली लाइव बैंड की प्रस्तुति होगी, जिसमें आधुनिक बंगाली संगीत और पुराने दौर के लोकप्रिय गीत सुनने को मिलेंगे। तीन दिनों तक चलने वाला यह सांस्कृतिक कार्यक्रम बंगाल के संगीत, लय और कला की अलग-अलग शैलियों को एक साथ लाएगा और हर उम्र के लोगों को एक खास सांस्कृतिक अनुभव देगा।
इस आयोजन पर द फ़ीनिक्स मिल्स लिमिटेड के रिटेल डायरेक्टर, नॉर्थ, श्री संजीव सरीन ने कहा, “फ़ीनिक्स पलासियो में हमारा मानना है कि त्योहार लोगों को एक साथ लाने और भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव मनाने के खास अवसर होते हैं। दुर्गा पूजो भक्ति, बुराई पर अच्छाई की जीत और आपसी मेलजोल की भावना का सुंदर प्रतीक है। हमें खुशी है कि इस 10 दिवसीय आयोजन के जरिए हम बंगाल की जीवंत परंपराओं को लखनऊ के लोगों तक पहुंचा रहे हैं। मां दुर्गा की आराधना और पारंपरिक संगीत, नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए हमारा प्रयास लोगों को खरीदारी से आगे बढ़कर एक खास सांस्कृतिक अनुभव देना है। फ़ीनिक्स में हम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाने और परिवारों व समुदायों के लिए यादगार पल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
फ़ीनिक्स पलासियो में दुर्गा पूजो का उत्सव 20 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान लोग मां दुर्गा की आराधना के साथ बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं और उत्सव के माहौल का अनुभव कर सकेंगे। इस पहल के जरिए फ़ीनिक्स पलासियो ऐसे आकर्षक गंतव्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है, जहां संस्कृति, परंपरा और साझा अनुभवों के जरिए लोग एक-दूसरे से जुड़ सकें।
भक्ति से जुड़ा और बंगाल की जीवंत सांस्कृतिक विरासत से सजा यह उत्सव ऐसा माहौल तैयार कर रहा है, जहां सदियों पुरानी परंपराएं लखनऊ की आधुनिक जीवनशैली के साथ मिलकर एक यादगार अनुभव दे रही हैं।

