बच्चों के सामने स्कूली वैन चालक की पिटाई, पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल
जौनपुर। पीली कोठी और नाथूपुर के बीच रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूली बच्चों से भरी वैन को रोककर कार सवार कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से चालक की पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावरों ने बच्चों के साथ भी हाथापाई का प्रयास किया। घटना के दौरान बच्चों के सामने गाली-गलौज और मारपीट से वे सहम गए।
बताया गया कि यूपी 62 बीवाई 9297 नंबर की कार में सवार लोगों ने रेलवे क्रॉसिंग के पास स्कूली वाहन को रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद चालक के साथ मारपीट की गई। चालक मदद के लिए गुहार लगाता रहा। सबसे गंभीर सवाल यह है कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर डायल 112 की पुलिस मौजूद होने के बावजूद कथित रूप से तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया गया।
चालक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने के बजाय विद्यालय प्रबंधन से बात करने को कहकर मामले को टाल दिया। यदि यह आरोप सही है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए मौके पर मौजूद पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई?
घटना के दौरान मौजूद कुछ लोग भी मदद करने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। आरोप है कि दबंग खुलेआम यह कहते हुए चले गए कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
यह घटना केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। पुलिस प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि डायल 112 की टीम ने मौके पर क्या कार्रवाई की और आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए। बच्चों के सामने हुई कथित दबंगई पर यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह संदेश जाएगा कि कानून का डर केवल आम आदमी के लिए है।

