भगवान शिव के विविध स्वरूपों के चिंतन से बरसती है उनकी कृपा –रविशंकर जी महाराज
गोण्डा 26 अगस्त। सावन मास के पावन अवसर पर गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी छठी बार गोनार्द लॉन में श्री शिव महापुराण कथा एवं पार्वती पूजन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। पीठाधीश्वर संत कथा व्यास श्री रविशंकर जी महाराज गुरुभाई के सानिध्य में बाबा बैद्यनाथ समिति एवं पंचवटी श्री सीताराम आश्रम परिवार, गोण्डा की ओर से आयोजित कथा के षष्ठम दिवस पर भगवान शिव के विभिन्न अवतारों एवं स्वरूपों का विस्तार से वर्णन किया गया।
कथा व्यास रविशंकर जी महाराज ने भगवान के अवधूत अवतार एवं किरात अवतार की कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान शंकर के अनेक रूप और तत्व हैं। यदि उनके किसी एक स्वरूप अथवा भाव को भी मनुष्य अपने जीवन में आत्मसात कर ले, तो भगवान शंकर की अशेष कृपा उस पर बरसने लगती है।
भक्ति के स्वरूप को समझाते हुए महाराज जी ने भगवान शिव के पांच स्वरूपों-सद्योजात, तत्पुरुष, वामदेव, ईशान और अघोर का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मानव जीवन के चार आश्रम ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास हैं, जबकि जीवन की चार अवस्थाएं बाल्यकाल, युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्धावस्था मानी गई हैं।
समुद्र मंथन की कथा का वर्णन करते हुए महाराज जी ने भगवान शिव के नीलकंठ अवतार की महिमा बताई। उन्होंने श्रद्धालुओं को यह भी बताया कि भगवान शिव को जल, दूध एवं विभिन्न औषधियां क्यों अर्पित की जाती हैं। इसके साथ ही ज्योतिर्लिंगों की कथा में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग एवं काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की महिमा का भी वर्णन किया गया।
शिव महापुराण कथा में मुख्य यजमान के रूप में संतोष सोनी एवं आरती सोनी रहे। इस अवसर पर संदीप मल्होत्रा, दीपक मराठा, रवि सोनी, अमित सोनी, संजय रस्तोगी, राकेश कसौधन, शिवशंकर सोनी, सोम सोनी, देवेंद्र सोनी, गोविंदे महाराज, राहुल शर्मा, सूर्य प्रकाश सोनी, रामशंकर कसौधन, आयुष सोनी, माया सोनी, कनकलता सोनी, ममता सोनी, रंजना सोनी, आंचल सोनी, सीमा रस्तोगी, सोनिया रस्तोगी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

