मम्मा जी की स्मृति में ब्रह्माकुमारी संस्था सम्मानित, रेडक्रॉस ने दिया मानवता और रक्तदान का संदेश*

*मम्मा जी की स्मृति में ब्रह्माकुमारी संस्था सम्मानित, रेडक्रॉस ने दिया मानवता और रक्तदान का संदेश*

 

*ब्यूरो रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव*

 

*शाहजहाँपुर* प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका परम आदरणीय माता जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) जी की 61वीं स्मृति दिवस के अवसर पर अब्दुल्लागंज स्थित सत्य विद्या धाम केंद्र पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्था को मानवता, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरण एवं जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रशस्ति-पत्र केंद्र की क्षेत्रीय निर्देशिका ब्रह्माकुमारी चरिता बहन एवं केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विनीता बहन ने ग्रहण किया। इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से उन्हें रेड क्रॉस मेडल, शॉल, स्मृति-चिह्न एवं संस्था के उपयोगार्थ तिरपाल एवं जल संरक्षण हेतु बाल्टी भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी संजय गुप्ता पाइप वाले विशिष्ट अतिथियों में रमा सिंघल रामचंद्र फ्लोर मिल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों को रेड क्रॉस मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ विजय जौहरी ने कहा कि माता जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) जी त्याग, तपस्या, प्रेम एवं आध्यात्मिक शक्ति की अमर प्रतिमूर्ति थीं। उनका जीवन ईश्वरीय ज्ञान, सेवा और मानव कल्याण के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राजयोग व्यक्ति को आत्मस्वरूप में स्थित होकर परमात्मा से जुड़ने की प्रेरणा देता है, जिससे जीवन में शांति, शक्ति एवं सकारात्मकता का संचार होता है।

इस अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ विजय जौहरी ने रक्तदान का महत्व बताते हुए कहा कि “एक यूनिट रक्तदान चार लोगों को जीवनदान देने में सहायक बन सकता है।” उन्होंने कहा कि माता जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) जी की स्मृति में मनाए जा रहे इस पावन अवसर पर हमें मानवता की सेवा के लिए रक्तदान का संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक माँ गर्भावस्था के दौरान अपने रक्त से शिशु का पोषण एवं संरक्षण करती है और जन्म के बाद भी अपने वात्सल्य से उसका जीवन संवारती है। इसलिए मातृत्व के इस महान त्याग और समर्पण का सम्मान करने के लिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को अपने जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगाँठ अथवा किसी विशेष अवसर पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए। केक काटने के साथ यदि रक्तदान भी किया जाए तो वह समाज और मानवता के प्रति सच्चे कर्तव्य का निर्वहन होगा।

उन्होंने उपस्थित लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने तथा अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान करते हुए कहा कि “रक्तदान महादान है, क्योंकि यह किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है।”

कार्यक्रम में अंकित गुप्ता, बृजेश गुप्ता, महेश शर्मा, हरिश बाबू, पशुपति आर्य, आर्यन वर्मा, संगीता, प्रेमलता, चन्द्रावती, शालिनी गुप्ता, सीमा गुप्ता, कमला, रामवती,विमला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे

 

 

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