(मॉस्को)पुतिन और जेलेंस्की की जी-20 सम्मेलन में नहीं होगी मुलाकात, रूस ने ठुकराया प्रस्ताव

(मॉस्को)पुतिन और जेलेंस्की की जी-20 सम्मेलन में नहीं होगी मुलाकात, रूस ने ठुकराया प्रस्ताव
मॉस्को,13 सितंबर। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। रूस ने मियामी में प्रस्तावित आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक की संभावना को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के आधिकारिक प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने नई दिल्ली में कहा कि सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात की संभावना पूरी तरह समाप्त है।
पेसकोव से जब पूछा गया कि क्या रूस मियामी के अलावा किसी अन्य स्थान पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और जेलेंस्की के बीच बैठक आयोजित करने पर विचार कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि रूस की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस यूक्रेनी राष्ट्रपति से बातचीत के लिए मॉस्को में बैठक का प्रस्ताव देने को तैयार है।
पेसकोव ने कहा, उन्हें मॉस्को में मिलने की तैयारी और तत्परता है।
रूस के इस रुख के बाद जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन और जेलेंस्की के बीच युद्ध विराम तथा संघर्ष समाप्त करने को लेकर संभावित उच्चस्तरीय बैठक की अटकलों पर विराम लग गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बातचीत की दिशा में ठोस प्रगति अब भी दिखाई नहीं दे रही है।
मॉस्को और कीव के बीच वार्ता को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरे मतभेद बने हुए हैं। इनमें बातचीत की शर्तें, संभावित समझौते की सीमाएं और बैठक के आयोजन स्थल जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन और वैश्विक दबाव के माध्यम से रूस के साथ बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, रूस अपने तय नियमों और शर्तों के तहत बातचीत करने पर जोर दे रहा है तथा मॉस्को को संभावित बैठक स्थल के रूप में सामने रख रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष ने दोनों देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। युद्ध समाप्त कराने के लिए विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से समय-समय पर मध्यस्थता और बातचीत की पहल की जाती रही है। इसके बावजूद दोनों पक्षों की अलग-अलग प्राथमिकताओं और शर्तों के कारण स्थायी युद्ध विराम की दिशा में सहमति बनना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
रूस द्वारा जी-20 सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक से इनकार किए जाने से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधे संवाद की राह में अभी भी गंभीर राजनीतिक और कूटनीतिक बाधाएं मौजूद हैं।
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