रास्ते को तरस रहे ग्रामीण, कीचड़ में चलने को मजबूर करीब 100 घरों के वाशिंदे,
*तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों ने लगाई गुहार
मड़िहान, मीरजापुर। देश की आजादी के लंबे अर्सा गुज़र जाने के बाद ग्रामीणों क्षेत्रों के की मजरे आज भी विकास से महरुम होते हुए आदिम युग में जीवन जीने को विवश हैं। जहां बात करे मूलभूत सुविधाओं की रास्ते की समस्या सबसे गंभीर दिखाई देती है।
कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं जिले के अति पिछड़े हुए इलाके मड़िहान तहसील क्षेत्र से जहां के संतनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी राजा में रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
तकरीबन सौ घरों की बस्ती के लोगों का कहना है कि आवागमन के लिए समुचित रास्ता नहीं होने के कारण उन्हें आए दिन कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदहाल हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार बस्ती में आने-जाने के दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को कीचड़ भरे रास्ते से निकलने में विशेष दिक्कत होती है। इसी समस्या को लेकर शनिवार को आयोजित मड़िहान तहसील पर समाधान दिवस में ग्रामीणों ने पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और बस्ती के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। ग्रामीण राहुल, राम गोविंद, संतोष कुमार, अजय कुमार और राजेश कुमार समेत अन्य लोगों ने अधिकारियों से मांग की कि उनकी वर्षों पुरानी रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराया जाए, ताकि करीब 100 घरों की बस्ती के लोगों को कीचड़ और दुश्वारियों से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर स्थायी रास्ते की व्यवस्था कराने की मांग की है। अब देखना है कि अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों की इस समस्या पर कब तक कार्रवाई होती है।
मड़िहान, मीरजापुर। देश की आजादी के लंबे अर्सा गुज़र जाने के बाद ग्रामीणों क्षेत्रों के की मजरे आज भी विकास से महरुम होते हुए आदिम युग में जीवन जीने को विवश हैं। जहां बात करे मूलभूत सुविधाओं की रास्ते की समस्या सबसे गंभीर दिखाई देती है।
कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं जिले के अति पिछड़े हुए इलाके मड़िहान तहसील क्षेत्र से जहां के संतनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी राजा में रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
तकरीबन सौ घरों की बस्ती के लोगों का कहना है कि आवागमन के लिए समुचित रास्ता नहीं होने के कारण उन्हें आए दिन कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदहाल हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार बस्ती में आने-जाने के दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को कीचड़ भरे रास्ते से निकलने में विशेष दिक्कत होती है। इसी समस्या को लेकर शनिवार को आयोजित मड़िहान तहसील पर समाधान दिवस में ग्रामीणों ने पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और बस्ती के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। ग्रामीण राहुल, राम गोविंद, संतोष कुमार, अजय कुमार और राजेश कुमार समेत अन्य लोगों ने अधिकारियों से मांग की कि उनकी वर्षों पुरानी रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराया जाए, ताकि करीब 100 घरों की बस्ती के लोगों को कीचड़ और दुश्वारियों से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर स्थायी रास्ते की व्यवस्था कराने की मांग की है। अब देखना है कि अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों की इस समस्या पर कब तक कार्रवाई होती है।

