वृद्धाश्रम का निरीक्षण, समस्याओं पर पूछताछ
जौनपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार शशि के निर्देशन व सचिव, सुशील कुमार सिंह व जिला प्रोबेशन अधिकारी, विजय कुमार पाण्डेय के द्वारा “निःशुल्क वृद्धजन आवास वृद्धाश्रम सैयद अलीपुर सदर का औचक निरीक्षण व वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा वृद्धाआश्रम में रह रहे वृद्धजनों से वार्ता की गई व उनकी समस्याओं के बारे में पूछतांछ की गई। सभी वृद्धजनों द्वारा आश्रम में कोई समस्या नहीं बताई गई। साफ-सफाई को लेकर उचित दिशा-निर्देश दिया गया। तत्पश्चात विधिक साक्षरताध् जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सिविल जज द्वारा बालक वृद्ध एवं वयस्क का अंतर बताते हुए बताया कि माता-पिता के भरण पोषण का भार वयस्क पुत्र पुत्री उनकी अनुपस्थिति में पौत्र और पौत्री एवं दत्तक पुत्र का होता है यदि कोई परेशानी भोजन वस्त्र आवास रहन-सहन मनोरंजन एवं आपातकालीन परेशानी में हो तो संबंधित अधिकारियों को सूचित करें अन्यथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र दें उन्होंने भरण पोषण की प्रक्रिया को सरल बताते हुए कहा कि एक आवेदन पत्र पर त्वरित रूप से इसका निस्तारण 90 दिन में हो जाता है अधिक से अधिक 30 दिन उसमें और बढ़ाया जा सकता है जिला प्रोबेशन ने कहा कि वृद्ध आश्रम में आरामदायक कमरे नियमित पौष्टिक भोजन स्वास्थ्य देखभाल मनोरंजन की निशुल्क व्यवस्था राज्य सरकार को करनी पड़ती है यह देश के संविधान द्वारा भी वर्णित है और आपात सेवा परामर्श और पुनर्वास की व्यवस्था होती है इस बारे में भारतीय न्याय संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम में विस्तार से वर्णन है इसके बारे में पारिवारिक और व्यक्तिगत कानून भी बने हैं पारिवारिक और व्यक्तिगत कानून तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजना और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पेंशन की व्यवस्था का विस्तार से वर्णन करते हुए उन्होंने बताया इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजना में रू 1000 तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम में रू 200 प्रतिमाह सहायता दी जाती है, यदि 80 से ऊपर है तो उनकी सहायता राशि और बढ़ सकती है। प्रबन्धक रमेश उपाध्याय, रवि कुमार चैबे, स्टोर कीपर, ज्योति विश्वकर्मा, लेखाकार, महिला देवी, केयर टेकर, रसोइयां व अन्य उपस्थित करें।

