श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

12 नवंबर – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

उमा राम सम हित जग माहीं ।
गुरु पितु मातु बंधु प्रभु नाहीं ।।
सुर नर मुनि सब कै यह रीती ।
स्वारथ लागि करहिं सब प्रीती।।
( किष्किंधाकांड 11/1)
राम राम जी 🙏🙏
श्री राम जी ने बालि का बध कर अंगद को युवराज व सुग्रीव को राजा बना दिया है । भगवान शिव जी कहते हैं कि हे पार्वती! श्री राम जी जैसा हित करने वाला इस जगत में गुरु,माता पिता, बंधु, स्वामी कोई नहीं है । देवता, मनुष्य की यह रीति है कि ये सब स्वार्थ के लिए प्रेम करते हैं
आत्मीय जन ! श्री राम जी हमारा नि:स्वार्थ हित करने वाले हैं जबकि अन्य सब स्वार्थ वश प्रेम करते हैं । नि: स्वार्थ प्रेम निर्मलता उपजाता है , जीवन को सुखद बनाता है । अतः श्री राम प्रेम का अनुकरण करें । अथ…. श्री राम जय राम जय जय राम , सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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