संजय तिवारी के पारिवारिक विवाद में अब पत्नी-बेटे के आरोप
ब्लॉक प्रमुख ने बताया निराधार, करीबियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
बाराबंकी। ब्लॉक प्रमुख एवं भाजपा नेता संजय तिवारी के पारिवारिक विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। कुछ माह पहले बेटी स्वाति पांडेय की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अब पत्नी बिंदु तिवारी और बेटे हर्ष तिवारी की ओर से भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। हालांकि संजय तिवारी ने पत्नी और बेटे के आरोपों को निराधार बताया है। पारिवारिक विवाद को लेकर परिवार के सदस्यों के अलग-अलग दावे सामने आने से मामला लगातार चर्चा में है। इससे संजय तिवारी की राजनीतिक और सामाजिक छवि को लेकर भी क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ माह पूर्व संजय तिवारी की बेटी स्वाति पांडेय ने भी अपने पिता पर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि धन के लालच में उनके पिता की ओर से उनके ससुराल पक्ष के लोगों पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने अपने ससुराल में किसी तरह के विवाद से इनकार करते हुए खुद को वहां खुश बताया था। अब पत्नी बिंदु तिवारी और बेटे हर्ष तिवारी की ओर से भी आरोप लगाए गए हैं। दोनों की ओर से संजय तिवारी के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। दूसरी ओर, संजय तिवारी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। विवाद के बीच संजय तिवारी के करीबियों और सलाहकारों की भूमिका को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं। हालांकि सलाहकारों द्वारा विवाद बढ़ाने या किसी निजी अथवा राजनीतिक स्वार्थ से काम करने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति के पारिवारिक विवाद का लगातार सार्वजनिक होना राजनीतिक रूप से भी असर डाल सकता है। ऐसे में करीबियों की जिम्मेदारी विवाद को बढ़ाने के बजाय परिवार के भीतर संवाद और समाधान का रास्ता तलाशने की होनी चाहिए। परिवार के अलग-अलग सदस्यों की ओर से लगातार आरोप सामने आने के बाद मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। संजय तिवारी के राजनीतिक विरोधियों को भी इस विवाद को लेकर सवाल उठाने का मौका मिला है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावे और आरोप सामने हैं। ऐसे में विवाद की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में अब चर्चा इस बात की है कि परिवार के बीच बातचीत से विवाद सुलझता है या आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ता है।

