सुनील कुमार यादव, डीसी पाथ अमरेश कुमार द्वारा फाइलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव, जांच उपचार, रुग्णता प्रबंधन आदि पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

चिकित्सा अधीक्षक ब्लॉक सिरकोनी डॉ0 राजीव कुमार की अध्यक्षता में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव, डीसी पाथ अमरेश कुमार द्वारा फाइलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव, जांच उपचार, रुग्णता प्रबंधन आदि पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण में तीन फाइलेरिया मरीजों को रूग्णता प्रबंधन प्रशिक्षण, एक्सरसाइज आदि की जानकारी देकर एमएमडीपी किट भी प्रदान की गई। प्रशिक्षण, एक्सरसाइज, रुग्णता प्रबंधन, साफ सफाई, धुलाई आदि की जानकारी एवं किट पाकर मरीजों ने काफी खुशी जताई।

जिला मलेरिया फाइलेरिया अधिकारी ने जनपद के सम्मानित जन समुदाय से अपील की है कि फाइलेरिया मरीजों को रूग्णता प्रबंधन बहुत ही महत्वपूर्ण है इससे उनका जीवन सुगम हो सकता है अतः अगर आपके आस पास भी कोई भी फाइलेरिया लिम्फोडिमा हाथीपांव के मरीज हो तो तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर या जिला मलेरिया फाइलेरिया कार्यालय टीबी हॉस्पिटल कैंपस में संपर्क करने के लिए प्रेरित करें ताकि उनको समुचित सहायता, जानकारी, प्रबंधन, जांच उपचार आदि सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

जनपद में फाइलेरिया के 5270 मरीज चिन्हित हैं जिनको आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के सहयोग से रुग्णता प्रबंधन प्रशिक्षण देकर एम एम डी पी किट प्रदान की जाती है। जनपद में 2025 में समस्त 5270 मरीजों को एवं 2026 में जनवरी से अब तक कुल 2590 मरीजों को रूग्णता प्रबंधन किट प्रदान की जा चुकी है।

फाइलेरिया के लक्षणः – नोडल अधिकारी डॉ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाला एक संक्रामक रोग होता है जिसमें हाथ, पैर, स्तन, अंडकोष में सूजन आ जाती है, पेशाब के रास्ते सफेद पानी आ सकता है जिसे कायलुरिया भी कहते हैं। इसके लक्षण आने में पांच से पंद्रह साल लग सकते हैं। लक्षण आने के बाद यह लगभग लाइलाज हो जाती है। मच्छरों से बचाव कर एवं साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवाएं डीईसी, एलबेंडाजोल, आईवरमेक्टिन का सेवन कर इससे बचा जा सकता है।

मच्छरों से बचाव के लिए अपने घरों के आस पास साफ सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव न होने दें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालें या एंटी लार्वा रसायन का छिड़काव कराएं, सोते समय मच्छरदानी लगाएं, खुली बदन न सोएं।

प्रशिक्षण में समस्त सीएचओ, बीसीपीएम, चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार एवं अन्य स्टॉफ उपस्थित रहें।
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जौनपुर 29 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-04

जिला पंचायत राज अधिकारी ने अवगत कराया है कि माह जुलाई 2026 में संचालित हो रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण/दस्तक अभियान के अन्तर्गत समस्त ग्रामों का रोस्टर बनाकर सफाई कर्मचारियों के माध्यम से झाड़ी की कटाई, नाली की सफाई, जल जमाव को हटाना, ब्लीचिंग पाऊडर का छिड़काव, एण्टी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग का कार्य कराया जा रहा है।
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जिला सूचना कार्यालय, जौनपुर द्वारा जारी

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