आर. एल. पाण्डेय
लखनऊ. अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने आज आईटी कालेज के मुख्य द्वार पर धरना देकर घंटों प्रदर्शन किया. उनकी नाराजगी आईटी कालेज प्रबंधतंत्र के खिलाफ थी. बीते दिनों कालेज की प्राचार्य ने कक्षाओं की मानीटर द्वारा सभी हिन्दू छात्राओं से हाथ में कलावा न बाँधने व माथे पर टीका न लगाने का फरमान जारी कराया था, जिसका कई हिन्दू छात्राओं ने पुरजोर विरोध भी किया था. यह जानकारी ज़ब हिन्दू संगठनों को मिली तो इस हिन्दू विरोधी मानसिकता वाले ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित आईटी कालेज प्रबंधतंत्र की साजिश के खिलाफ हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कालेज गेट पर धरना – प्रदर्शन व नारेबाजी कर विरोध जताया.हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें आईटी कालेज में पढ़ने वाली कई हिन्दू छात्राओं के अभिभावकों ने बताया कि कालेज की प्राचार्य के निर्देश पर कक्षाओं की मानीटर द्वारा हिन्दू छात्राओं से हाथ में कलावा न बाँधने तथा माथे पर टीका न लगाने को कहा गया. जिसका कई हिन्दू छात्राओं ने विरोध किया. उन्होंने बताया कि यह बात कालेज प्रबंधतंत्र की हिन्दू विरोधी मानसिकता का परिचायक है. ईसाई मिशनरी द्वारा चलाये जा रहे अधिकतर स्कूल – कालेजों में हमेशा हिन्दू विरोधी साजिश चलती रहती है जो आगे चलकर धर्मान्तरण को बढ़ावा देती है.भारतीय जन जन पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पं. मनीष महाजन ने बताया कि कालेज गेट पर धरना, प्रदर्शन व नारेबाजी के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में कालेज की प्राचार्य व कई वरिष्ठ शिक्षिकाओं ने गेट पर आकर प्रदर्शनकारी हिन्दू नेताओं से बात की. उनका कहना था कालेज प्रबंधकों की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है. बावजूद इसके यदि किसी शिक्षक या मानीटर द्वारा ऐसी बात कही गयी तो वह इसके लिए माफ़ी मांगती हैं.धरना – प्रदर्शन में हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी, उच्च न्यायालय की अभिवक्ता अलका लाल, आशुतोष मिश्र,आशीष सिंह, मुदित शुक्ल व धनीश श्रीवास्तव, आशीष वर्मा, नितिन चतुर्वेदी आदि नेतागण शामिल रहे.

