(अलीगढ़)पानी की बोतल पर 2 रुपए ज्यादा वसूलना रेस्टोरेंट को पड़ा भारी, कंज्यूमर फोरम ने ठोका भारी भरकम जुर्माना

(अलीगढ़)पानी की बोतल पर 2 रुपए ज्यादा वसूलना रेस्टोरेंट को पड़ा भारी, कंज्यूमर फोरम ने ठोका भारी भरकम जुर्माना

अलीगढ़ ,15 अक्टूबर ,(आरएनएस)। अगर कोई रेस्टोरेंट या दुकानदार आपसे एमआरपी से ज्यादा पैसे वसूलता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित एक रेस्टोरेंट को पानी की बोतल पर महज 2 रुपये अतिरिक्त वसूलना भारी पड़ गया। अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार (अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस) मानते हुए रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही पीड़ित ग्राहक को मानसिक उत्पीड़न और कानूनी खर्च के रूप में मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

?18 की बोतल के वसूले थे ?20, नोटिस के बाद भी फोरम में पेश नहीं हुआ रेस्टोरेंट

मामला 11 मार्च 2026 का है, जब अलीगढ़ निवासी एक ग्राहक हाथरस के संबंधित रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। भोजन के दौरान उन्होंने पैकेज्ड पानी की बोतल ली, जिस पर स्पष्ट रूप से 18 रुपये की एमआरपी अंकित थी। इसके बावजूद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने बिल में पानी की बोतल के लिए 20 रुपये जोड़कर वसूले। इस मनमानी के खिलाफ ग्राहक ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और मानसिक प्रताड़ना व आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजे की गुहार लगाई। फोरम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद रेस्टोरेंट की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद आयोग ने एकतरफा (एक्स-पार्टी) सुनवाई करते हुए यह सख्त फैसला सुनाया।

कंज्यूमर फोरम ने माना दोषी, उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने होंगे ?1 लाख

उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने प्रस्तुत बिल और बोतल की तस्वीरों की बारीकी से जांच की। साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना कि 18 रुपये की एमआरपी वाली बोतल को 20 रुपये में बेचना उपभोक्ता संरक्षण कानून का सीधा उल्लंघन है। आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 39(1)(द्म) के तहत रेस्टोरेंट मालिक को 1,00,000 रुपये का जुर्माना उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का सख्त आदेश दिया।

45 दिनों के भीतर करना होगा भुगतान, देरी पर होगी कानूनी कार्रवाई

आयोग ने रेस्टोरेंट प्रबंधन को निर्देश दिया कि वह पीड़ित ग्राहक को मानसिक उत्पीड़न के बदले 1,000 रुपये और कानूनी खर्च के रूप में 5,000 रुपये (कुल 6,000 रुपये) का भुगतान करे। फोरम ने पूरे आदेश के अनुपालन के लिए 45 दिनों की समय-सीमा तय की है। साथ ही सख्त चेतावनी दी है कि तय अवधि में आदेश का पालन न करने पर रेस्टोरेंट के खिलाफ अधिनियम की धारा 72 के तहत आगे की दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए

गी।

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