नवप्रवेशी एमबीए छात्रों को मिला ‘जॉब रेडी’ बनने का मंत्र
अभिनंदन-2026, इंडक्शन कार्यक्रम में कॉरपोरेट सफलता के गुड़ साझा, पीयूष सिंह ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के सूत्र
देश की उपासना समाचार पत्र
धनन्जय विश्वकर्मा
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास विभाग में एमबीए (एचआरडी) प्रथम वर्ष के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए गुरुवार को इंडक्शन प्रोग्राम ‘अभिनंदन-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमबीए (एचआरडी) के स्वर्ण पदक विजेता पुरातन छात्र एवं हिंडाल्को ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज में ट्रेनी एग्जीक्यूटिव पीयूष सिंह रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई, जिसे अमृता सिंह, अनु पांडेय एवं खुशी सिंह की टीम ने प्रस्तुत किया। इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान नवागंतुक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं तथा कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपना परिचय देते हुए अपनी रुचियों एवं करियर आकांक्षाओं पर लघु प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन द्वितीय वर्ष के पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल—खुशी सिंह, अनु पांडेय, श्रेया सिंह, अनुराग तिवारी एवं अमृता सिंह—द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में हसरत फातिमा ने प्रथम, शिवानी श्रीवास्तव ने द्वितीय तथा प्रांजल मौर्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

मुख्य अतिथि पीयूष सिंह ने अपने विश्वविद्यालय जीवन और कॉरपोरेट क्षेत्र के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को शुरुआत से ही ‘जॉब रेडी’ बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अकादमिक ज्ञान के साथ प्रभावी संचार कौशल, अनुशासन, व्यवहारिक समझ और निरंतर सीखने की आदत कॉरपोरेट जगत में सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में विभागाध्यक्ष डॉ. रसिकेश ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे “हम क्या नहीं कर सकते” के बजाय “हम क्या कर सकते हैं” पर ध्यान केंद्रित करें और इसे अपने जीवन का सूत्रवाक्य बनाएं।

प्राध्यापक डॉ. प्रवीण मिश्र ने कहा कि विद्या व्यक्ति को बंधनों से मुक्त करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान के माध्यम से समाज को नई दिशा देना भी है। वहीं शिक्षक श्री अनुपम कुमार ने एचआरडी पाठ्यक्रम की उपयोगिता एवं वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और कौशल विकास के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन अवंतिका यादव एवं रिषभ साहू ने किया। आयोजन को सफल बनाने में वालंटियर्स कुणाल मिश्र, निधि सिंह, कपिल यादव, काजल वर्मा, वैशाली राय, शचि सिंह, रिशिता, उज्ज्वल एवं युगान्त सिंह सहित अन्य विद्यार्थियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने, अपने कौशल को विकसित करने और भविष्य के करियर के लिए स्वयं को तैयार करने का संदेश दिया गया।

