बिना सर्जरी और अस्पताल में भर्ती हुए 125 से अधिक प्रोस्टेट कैंसर मरीजों का सफल उपचार

एचसीजी कैंसर अस्पताल मुंबई ने एसबीआरटी, वर्सा एचडी और साइबरनाइफ तकनीक से पांच सत्रों में दिया सटीक रेडिएशन उपचार
देश की उपासना समाचार पत्र 
ब्यूरो चीफ़ धनन्जय विश्वकर्मा 
मुंबई। प्रोस्टेट कैंसर के उपचार को लेकर मरीजों में सर्जरी और लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आम धारणा के बीच एचसीजी कैंसर अस्पताल, मुंबई ने अत्याधुनिक रेडिएशन तकनीक के माध्यम से 125 से अधिक मरीजों का सफल उपचार करने का दावा किया है। अस्पताल के अनुसार, उपयुक्त मरीजों को एसबीआरटी (Stereotactic Body Radiation Therapy) के माध्यम से वर्सा एचडी प्रणाली पर उपचार दिया गया, जबकि चुनिंदा मरीजों के लिए रोबोटिक साइबरनाइफ तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया।
अस्पताल के मुताबिक, एसबीआरटी उपचार की प्रक्रिया उपयुक्त मरीजों में केवल पांच सत्रों में पूरी की जा सकती है। इसमें पारंपरिक सर्जरी की तरह चीर-फाड़ नहीं होती और प्रोस्टेट ग्रंथि को हटाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। उपचार ओपीडी आधार पर किए जाने के कारण मरीज प्रत्येक सत्र के बाद घर लौट सकते हैं और सामान्य गतिविधियों को अपेक्षाकृत जल्दी जारी कर सकते हैं।
सटीक रेडिएशन से स्वस्थ अंगों की सुरक्षा पर जोर
एसबीआरटी तकनीक में उन्नत इमेज गाइडेंस के माध्यम से कैंसरग्रस्त हिस्से को सटीक रूप से लक्षित करने का प्रयास किया जाता है, ताकि आसपास के स्वस्थ अंगों पर अनावश्यक रेडिएशन का प्रभाव कम किया जा सके। अस्पताल के अनुसार, उपचार योजना तैयार करते समय मरीज की आयु, कैंसर का चरण, जोखिम श्रेणी, सामान्य स्वास्थ्य और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जाता है।
एचसीजी कैंसर अस्पताल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. त्रिणंजन बासू ने कहा कि प्रोस्टेट कैंसर के प्रत्येक मरीज के लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प नहीं है। उपयुक्त मरीजों में उन्नत रेडिएशन तकनीक के माध्यम से बिना सर्जरी और लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती हुए उपचार किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मध्यम-जोखिम, उच्च-जोखिम तथा कुछ चुनिंदा मेटास्टैटिक प्रोस्टेट कैंसर मरीजों का उपचार किया गया है। इनमें अधिकांश मरीज 60 से 75 वर्ष की आयु के थे, जबकि करीब 20 मरीज 75 से 85 वर्ष आयु वर्ग के थे।
मुंबई में साइबरनाइफ तकनीक की सुविधा
अस्पताल के अनुसार, कुलाबा स्थित एचसीजी कैंसर अस्पताल में साइबरनाइफ प्रणाली उपलब्ध है। यह रोबोटिक सटीकता और उन्नत इमेज गाइडेंस तकनीक का संयोजन है, जिसके माध्यम से उपचार के दौरान शरीर के आंतरिक अंगों की हलचल पर नजर रखते हुए रेडिएशन देने में सहायता मिलती है।
हेल्थकेअर ग्लोबल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश क्षेत्रीय सीओओ रुपेश चौबे ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक के साथ अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट और रेडिएशन थेरपिस्ट की बहुविषयक टीम मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि केवल तकनीक ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही मरीज का चयन, सटीक उपचार योजना और चिकित्सकीय अनुभव भी बेहतर परिणामों के लिए आवश्यक हैं।
एचसीजी कैंसर अस्पताल, मुंबई के क्लस्टर सीओओ अविक चौहान ने इसे अस्पताल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि अत्याधुनिक रेडिएशन थेरेपी के माध्यम से 125 से अधिक मरीजों का उपचार मरीजों को कम कष्टदायक और सुविधाजनक उपचार विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मरीजों ने साझा किया उपचार का अनुभव
उपचार करा चुके मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैंसर का पता चलने के बाद उन्हें सर्जरी और लंबे समय तक अस्पताल में रहने की चिंता थी। हालांकि, चिकित्सकों द्वारा बिना सर्जरी वाले उपचार विकल्पों की जानकारी दिए जाने के बाद उनकी चिंता कम हुई। मरीजों के अनुसार, रेडिएशन के प्रत्येक सत्र के बाद घर लौटना उनके लिए सुविधाजनक रहा और मेडिकल टीम के सहयोग से उपचार प्रक्रिया अपेक्षाकृत सहज रही।
विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी
अस्पताल ने स्पष्ट किया कि प्रोस्टेट कैंसर के प्रत्येक मरीज के लिए उपचार का तरीका अलग हो सकता है। मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, हार्मोन थेरेपी या इनके संयोजन में से उपयुक्त विकल्प चुना जा सकता है। इसलिए उपचार का निर्णय लेने से पहले योग्य ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों की टीम से परामर्श करना आवश्यक है।
एचसीजी मुंबई की इस पहल का उद्देश्य प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के उपलब्ध विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मरीजों को उनकी व्यक्तिगत चिकित्सा स्थिति के अनुरूप उपचार विकल्पों की जानकारी उपलब्ध कराना है।

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