ओबीसी कॉलम और अलग अत्याचार निवारण कानून की मांग को लेकर पांच अक्टूबर को राजभवन घेराव का ऐलान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग ने जनगणना-2027 में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने, प्रगणकों को जातियों की सूची उपलब्ध कराने और ओबीसी वर्ग की सुरक्षा के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की तर्ज पर ओबीसी अत्याचार निवारण कानून लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। विभाग ने सरकार को चार अक्टूबर 2026 तक का समय देते हुए कहा है कि मांगें पूरी नहीं होने पर पांच अक्टूबर को प्रदेश के ओबीसी समाज की ओर से राजभवन घेराव किया जाएगा।
पिछड़ा वर्ग विभाग का कहना है कि बिहार और तेलंगाना में हुए जातिगत सर्वेक्षण के मॉडल की तर्ज पर देशभर में जनगणना-2027 को वैज्ञानिक तरीके से जातिगत जनगणना के रूप में कराया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस का पिछड़ा वर्ग विभाग प्रदेश स्तर पर ज्ञापन, पदयात्रा और सम्मेलन आयोजित कर ओबीसी वर्ग को जागरूक कर रहा है। विभाग के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जातिगत जनगणना कराने की मांग दोहराई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि ओबीसी वर्ग के लिए उसकी वास्तविक संख्या की जानकारी और आबादी के अनुपात में आरक्षण, सरकारी संस्थाओं में रोजगार तथा संसाधनों में हिस्सेदारी का सवाल अब निर्णायक मुद्दा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में ओबीसी समाज के साथ शोषण और हक मारे जाने की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सामंती और मनुवादी सोच रखने वाले लोगों द्वारा ओबीसी वर्ग के लोगों की हत्या की घटनाएं दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं।मनोज यादव ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा की विचारधारा ओबीसी विरोधी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान ओबीसी की गिनती कराने का वादा किया गया था, लेकिन अब भाजपा उससे पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि ओबीसी कांग्रेस जनगणना-2027 में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने, प्रगणकों को जातियों की सूची उपलब्ध कराने और ओबीसी वर्ग की सुरक्षा के लिए अलग अत्याचार निवारण कानून लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को चार अक्टूबर तक इन मांगों पर निर्णय लेना होगा, अन्यथा पांच अक्टूबर को राजभवन घेराव किया जाएगा। कांग्रेस ने इस आंदोलन के जरिए ओबीसी वर्ग के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही है।
ओबीसी कॉलम और अलग अत्याचार निवारण कानून की मांग को लेकर पांच अक्टूबर को राजभवन घेराव का ऐलान
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