कोरबा) स्कूटी में छिपा मिला बेहद जहरीला कॉमन करैत

कोरबा) स्कूटी में छिपा मिला बेहद जहरीला कॉमन करैत

कोरबा, 14 अक्टूबर (आरएनएस)। घर के बाहर खड़ी एक्टिवा के वाइजर में जहरीला कामन करैत सांप छिपा मिला। समय रहते परिवार की नजर सांप पर पड़ गई, जिससे संभावित हादसा टल गया। सूचना पर वन विभा। ग और रेस्क्यू कोरबा रेस्क्यू सोसायटी (आरसीआरएस) की टीम मौके पर पहुंची और सावधानी से सांप को बाहर निकालकर सुरक्षित डिब्बे में बंद किया।

घटना पोड़ीबहार निवासी अंजलि यादव के घर के बाहर की है। परिवार ने एक्टिवा में सांप को छिपा देखा तो उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग और आरसीआरएस को सूचना दी गई। रेस्क्यू टीम के अनुसार, सांप कॉमन करैत था, जो बेहद विषैले सांपों में शामिल है।

सूचना मिलते ही आरसीआरएस अध्यक्ष अविनाश यादव अपने सहयोगी मानस के साथ मौके पर पहुंचे। सांप एक्टिवा के वाइजर के संकरे हिस्से में छिपा हुआ था। ऐसी जगह से उसे निकालने में विशेष सावधानी बरतनी जरूरी थी। छेड़छाड़ करने या खुद पकड़ने की कोशिश में सांप के काटने का खतरा हो सकता था। टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर सांप को बाहर निकाला और डिब्बे में बंद कर दिया। समय पर सूचना मिलने और प्रशिक्षित टीम के पहुंचने से संभावित दुर्घटना टल गई।

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(कोरबा) कोरवा आदिवासी की तीर मारकर हत्या, दो के खिलाफ केस दर्ज

कोरबा, 14 अक्टूबर (आरएनएस)। जिले के श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम सिमकेंदा सिरकी डुगरू में एक कोरवा आदिवासी की हत्या का मामला सामने आया है। रामदुलार कोरवा का शव घर के सामने खून से लथपथ हालत में मिला। मृतक की पत्नी ने गांव के ही दो लोगों पर तीर-धनुष और सब्बल से हमला कर हत्या करने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 10 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे की है। मृतक की पत्नी बुधवारी कोरवा ने 11 अक्टूबर की सुबह घटना की जानकारी दी। उसने आरोप लगाते हुए बताया कि घरेलू बातों को लेकर अघन कोरवा और नंदू कोरवा ने उसके पति पर हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने अघन कोरवा 22 वर्ष और नंदू कोरवा 65 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम सिमकेंदा सिरकी डुगरू, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। घटना के बाद से पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है।

घटना के पीछे जमीन विवाद की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपित के पकड़े जाने के बाद पूछताछ से ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

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(कोरबा) चोरभठ्ठी स्कूल में बच्चों से सभापति का सवाल जवाब, स्थानीय भाषा के साथ अंग्रेजी शिक्षा जरूरी – नूतनसिंह

कोरबा, 14 अक्टूबर (आरएनएस)। विधानसभा कोरबा क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित चोरभठ्ठी गांव के प्राथमिक शाला पहुंचकर नगर निगम कोरबा सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने छोटे बच्चों से मिलकर उनको प्रोत्साहित किया।

शासकीय स्कूल के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से चालू किए गए चालू मुहिम सभापति की पाठशाला में आज शासकीय प्राथमिक शाला चोरभठ्ठी में निगम सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने बच्चों से मिलकर सवाल जवाब किया। । नन्हे बच्चों ने खेल, कला, अंग्रेजी विषय पर सवालो? को मासूमियत से जवाब दिया। सभापति नूतनसिंह ठाकुर के साथ एमआईसी सदस्य किशनलाल कैवर्त, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सम्मत कंवर, रतन सिंह, शाला की शिक्षिका भुनेश्वरी राठौर उपस्थित रहीं। इस अवसर पर नियमित रूप से स्कूल आने वाले तथा प्रतिभाशाली बच्चों शुभम, शिवांगी, सुहानी , आयुष, को पुरस्कृत किया गया।

शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के प्रतिभा को उभारने, बच्चों को नैतिक और सामान्य ज्ञान की शिक्षा देने, उनके बीच परीक्षा के डर को खत्म करने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के विकास के लिए नूतनसिंह ठाकुर ने सभापति की पाठशाला मुहिम लगातार चल? रहा है जिसमें जनप्रतिनिधियों को शासकीय स्कूलों से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने में मददगार साबित हो रहा है। जनप्रतिनिधियों को अपने बीच पाकर तथा पुरस्कार पाकर स्कूली बच्चो में खुशियां दुगना हो जाता है।

चोरभठ्ठी गांव में स्थित प्राथमिक शाला में मात्र दो कमरों में पांचवीं तक कक्षाएं संचालित है, अभावों के बीच भी वहां पढ़ने वाले बच्चों के सपने शहरी बच्चों से कम नहीं है। नूतनसिंह ठाकुर एवं पार्षद श्रीमती सम्मत कंवर ने एनटीपीसी के आश्रित गांव के प्राथमिक स्कूल में समस्याओं को दूर करने की मांग जिला प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन से किया है।

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(रायपुर) डिजिटल माध्यमों से छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को पहुंचाएं दुनिया तक : श्री डेका

० खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के 70 वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर, 14 अक्टूबर (आरएनएस)। राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय के 70वें स्थापना दिवस समारोह राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि विश्वविद्यालय की 70 वर्षों की यात्रा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के सामूहिक योगदान का परिणाम है। उन्होंने दानवीर राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती द्वारा अपनी पुत्री राजकुमारी इंदिरा सिंह की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए किए गए योगदान को ऐतिहासिक बताया। राज्यपाल ने कहा कि संगीत मनुष्य को मानसिक शांति देता है, जबकि नृत्य, चित्रकला और शिल्प समाज के इतिहास एवं सांस्कृतिक जीवन को अभिव्यक्त करते हैं। छत्तीसगढ़ की पंडवानी, पंथी, राउत नाचा, सुवा नृत्य, कर्मा और बस्तर की जनजातीय नृत्य परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध लोककलाओं को मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कला के क्षेत्र में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य, निरंतर अभ्यास और समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही कला को आजीविका और व्यवसाय से जोड़ने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित सांसद संतोष पांडे ने कहा कि राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती ने अपनी पुत्री की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जो दान दिया, वह अद्वितीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जमीन दान करना भी कठिन हो गया है, लेकिन राजपरिवार ने दूरदर्शी सोच के साथ ऐसा संस्थान स्थापित किया, जिसने खैरागढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉक्टर लवली शर्मा ने दिया। अंत में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव आर. वेंकट रमण गुड़े ने आभार व्यक्त किया।

समारोह में राजपरिवार की सदस्य राजकुमारी शताक्षी सिंह, सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह, जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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(जशपुरनगर) जशपुर में बनेंगी दो आधुनिक आवासीय कॉलोनियां, 225 मकानों का होगा निर्माण

जशपुरनगर, 14 अक्टूबर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आम लोगों को किफायती और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा कुनकुरी के ग्राम गिनाबहार और जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में अटल विहार आवासीय योजना के तहत दो कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इन दोनों परियोजनाओं में कुल 225 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके साथ ही व्यावसायिक दुकानों और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले में शुरू की गई इन परियोजनाओं का उद्देश्य विभिन्न आय वर्ग के लोगों को व्यवस्थित और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आवास एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर इन योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

गिनाबहार में 97 आवासों का निर्माण

कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार में लगभग 7 एकड़ भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकसित की जा रही है। इस परियोजना के लिए 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यहां कुल 97 आवास बनाए जाएंगे, जिनमें 91 आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए निर्धारित हैं।

योजना के तहत पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को 80 हजार रुपये और एलआईजी हितग्राहियों को 40 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। शासन ने परियोजना के लिए मंडल को एक रुपये प्रति वर्गफुट की दर से भूमि उपलब्ध कराई है। यह कॉलोनी कुनकुरी-बगीचा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के अनुसार, कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था, चौड़ी सड़कें, हरित वातावरण, समुचित जल निकासी और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

बालाछापर में बनेंगे 128 आवास

जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में लगभग 7 एकड़ भूमि पर दूसरी आवासीय परियोजना विकसित की जा रही है। इसके लिए 3432.25 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। इस योजना में कुल 128 आवासों के साथ व्यावसायिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है।

परियोजना में उच्च आय वर्ग (एचआईजी) के 11, मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के 20, जूनियर एमआईजी के 4, निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के 55 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 38 आवास शामिल हैं। यह कॉलोनी रायगढ़ रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है।

इसे कवर्ड कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा। परिसर में बस स्टॉप, सामुदायिक भवन, बॉक्स क्रिकेट सुविधा, गार्डन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र और व्यावसायिक दुकानें जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

अन्य स्थानों पर भी शुरू होंगी आवासीय योजनाएं

गृह निर्माण मंडल के जशपुर कार्यपालन अभियंता प्रफुल्ल चौरे ने बताया कि पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम मदनपुर में भी आवासीय योजना की बुकिंग जारी है। जिले में महुआ टोली, कड़ोरा और अन्य स्थानों पर भी आवासीय योजनाएं शुरू करने की तैयारी है।

विभाग के अनुसार, इन योजनाओं के लिए बुकिंग 6 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। बुकिंग का प्रथम चरण 20 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा। इन परियोजनाओं से जिले में नियोजित आवासीय सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न आय वर्ग के परिवारों को आवास के विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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(खैरागढ़) कला साधना में प्रतिभा के साथ धैर्य, अभ्यास और समर्पण जरूरी : राज्यपाल रमेन डेका

खैरागढ़, 14 अक्टूबर (आरएनएस)। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि कला के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं है, बल्कि धैर्य, निरंतर अभ्यास और समर्पण भी आवश्यक हैं। संगीत मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है, वहीं नृत्य, चित्रकला और शिल्प समाज के इतिहास, परंपराओं और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कला के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने और इसे आजीविका एवं व्यवसाय से जोड़ने की संभावनाओं पर काम करने का आह्वान किया।

खैरागढ़ स्थित विश्वविद्यालय के समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने संस्थान की स्थापना में दानवीर राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि राजपरिवार ने अपनी पुत्री राजकुमारी इंदिरा सिंह की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया था। यह संस्थान कला और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण साधन है। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद संतोष पांडे ने कहा कि राजपरिवार द्वारा स्थापित इस दूरदर्शी संस्थान ने खैरागढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है। विश्वविद्यालय ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है तथा विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान किया है।

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुई। समारोह में राजपरिवार की सदस्य राजकुमारी शताक्षी सिंह, सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह, प्रभारी कुलसचिव आर. वेंकट रमण गुड़े, जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्राध्यापक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में कला शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और कला को रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

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(रायपुर) रायपुर में डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग महिला से 7 लाख की ठगी, 5 दिन तक गिरफ्तारी का डर दिखाया

रायपुर 14 अक्टूबर (आरएनएस)। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (हृढ्ढ्र) का अधिकारी बताकर 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला को पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराए रखा। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तारी की धमकी देकर आरोपियों ने महिला से 7 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, गंज थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित नर्मदापारा निवासी रीता खन्ना की मशीनरी की दुकान है। उनके दो बेटे हैं, जिनमें एक अमेरिका और दूसरा देहरादून में रहता है। 7 अक्टूबर को महिला के व्हाट्सएप पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र में तैनात एनआईए अधिकारी विक्रम सिंह बताया। उसने महिला से कहा कि उनके आधार नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिसके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है। इसके बाद गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर उन्हें कार्रवाई की धमकी दी गई। आरोपियों ने महिला से उनके परिवार, संपत्ति, बैंक खातों और एफडी से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। गिरफ्तारी से बचाने और एनओसी दिलाने के नाम पर रुपये की मांग की गई। बैंक में लगातार तीन दिन छुट्टी होने के कारण महिला तत्काल रकम ट्रांसफर नहीं कर सकीं। डर के चलते उन्होंने 9 अक्टूबर को केनरा बैंक में अपनी एफडी तुड़वाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान भी ठग फोन के जरिए लगातार उन्हें निर्देश देते रहे। 12 अक्टूबर को आरोपियों ने महिला को एचडीएफसी बैंक में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे आरटीजीएस फॉर्म भरवाया गया और महाकाली मेटल नाम के खाते में 7 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। रकम भेजने के बाद महिला ने लेनदेन की रसीद भी व्हाट्सएप के जरिए आरोपियों को भेज दी।

महिला का भरोसा जीतने के लिए ठगों ने भारतीय रिजर्व बैंक (क्रक्चढ्ढ) के नाम से एक कथित फर्जी प्रमाणपत्र भी भेजा। हालांकि, जब महिला को एनओसी नहीं मिली तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने गंज थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस अब संबंधित बैंक खाते और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जा रही साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित करती है।

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( दुर्ग ) दुर्ग विश्वविद्यालय में एआई, कृषि विज्ञान और विदेशी भाषाओं की पढ़ाई होगी शुरू, 35.48 करोड़ से बनेगा उत्कृष्टता केंद्र

दुर्ग 14 अक्टूबर (आरएनएस)। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में शैक्षणिक विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। 12 अक्टूबर को कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यपरिषद की 42वीं बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं मशीन लर्निंग उत्कृष्टता केंद्र, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा अध्ययन संस्थान, कृषि विज्ञान अध्ययन केंद्र तथा भारतीय एवं विदेशी भाषा केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही विशेष शिक्षा पाठ्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और एमएससी प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण खरीदी से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया।

विश्वविद्यालय में एआई एवं मशीन लर्निंग उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए पांच वर्ष की परियोजना पर लगभग 35.48 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें से 18.46 करोड़ रुपये का अनुदान छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन से मांगा जाएगा। केंद्र में चार प्रयोगशालाएं, जीपीयू कंप्यूट क्लस्टर युक्त डेटा सेंटर, स्मार्ट कक्ष और इनक्यूबेशन स्थल विकसित किए जाएंगे। परियोजना के तहत पांच वर्षों में 30 हजार विद्यार्थियों और 3 हजार शासकीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के साथ 20 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा।

बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एवं सामरिक अध्ययन संस्थान की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई। इसके संचालन के लिए सात शैक्षणिक और नौ तकनीकी एवं अशैक्षणिक सहित कुल 16 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव पारित किया गया है। इन पदों पर लगभग 1.91 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय अनुमानित है। प्रस्ताव को उच्च शिक्षा संचालनालय के माध्यम से राज्य शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

सत्र 2027-28 से विदेशी और भारतीय भाषाओं की पढ़ाई

विश्वविद्यालय में सत्र 2027-28 से भारतीय एवं विदेशी भाषा केंद्र शुरू करने की मंजूरी दी गई है। पहले चरण में फ्रेंच, जर्मन, जापानी, छत्तीसगढ़ी, ओड़िया और मराठी भाषाओं की पढ़ाई कराई जाएगी। आगामी चरणों में रूसी, स्पेनिश, कोरियाई, चीनी, अरबी, तमिल और उर्दू भाषाओं को भी शामिल करने की योजना है।

40 सीटों के साथ शुरू होगा कृषि विज्ञान पाठ्यक्रम

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सहयोग से कृषि विज्ञान अध्ययन केंद्र शुरू करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके तहत सत्र 2027-28 से 40 सीटों वाला चार वर्षीय स्नातक कृषि विज्ञान कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है। इसमें मधुमक्खी पालन और बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा।

विशेष शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को बढ़ावा

भारतीय पुनर्वास परिषद को सत्र 2027-28 के लिए भेजे गए श्रवण बाधिता और बौद्धिक अक्षमता से संबंधित दो विशेष शिक्षा पाठ्यक्रमों का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। दोनों पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें निर्धारित हैं।

इसके अलावा, भारत सरकार की योजना के तहत डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यहां पात्र अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पीएम केयर्स योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों को यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।

एमएससी प्रयोगशालाओं के लिए चार करोड़ का बजट

विश्वविद्यालय में गणित, भौतिकी, रसायन, प्राणीशास्त्र और वनस्पति शास्त्र के एमएससी पाठ्यक्रमों की प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके लिए बजट में निर्धारित 400 लाख रुपये की राशि के प्राक्कलन को मंजूरी दी गई। उपकरणों की खरीदी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल और ई-प्रोक्योरमेंट के माध्यम से की जाएगी।

बैठक में डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. राजलक्ष्मी सेलेट, डॉ. हंसा शुक्ला, विवेक मिश्रा और डॉ. शालिनी गुप्ता उपस्थित रहे। कुलसचिव डॉ. अनिल पांडे ने आभार व्यक्त किया।

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(खैरागढ़) त्योहारी सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का सघन निरीक्षण अभियान जारी

० जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से 12 नमूने संकलित, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं शुद्धता की जांच पर विशेष जोर

(विनय यादव)

खैरागढ़,14 अक्टूबर (आरएनएस)। नवरात्र पर्व एवं त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही ‘हर लेबल कुछ कहता हैÓ अभियान के अंतर्गत उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण एवं समाप्ति तिथि सहित अन्य आवश्यक जानकारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण कर खाद्य सामग्री के नमूने संकलित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे द्वारा किराना दुकानों, जनरल स्टोर्स एवं खाद्य सामग्री विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।

चार दिनों में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 12 खाद्य नमूने संकलित

अभियान के अंतर्गत 7 अक्टूबर को खैरागढ़ के जयस्तंभ चौक स्थित मेसर्स भगवती किराना स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मैगी, ओट्स एवं फॉर्च्यून रिफाइंड सूरजमुखी खाद्य तेल के तीन विधिक नमूने संकलित किए गए। इसी क्रम में 8 अक्टूबर को बाजार अतरिया क्षेत्र स्थित मेसर्स जीतू डेली नीड्स एवं जनरल स्टोर्स का निरीक्षण कर पतंजलि काजू बिस्किट का एक विधिक नमूना तथा स्पेशल सूजी टोस्ट का एक सर्विलांस नमूना लिया गया।

इसके पश्चात 9 अक्टूबर को कलेक्टोरेट परिसर स्थित गढ़ कलेवा का निरीक्षण किया गया। यहां से समोसा एवं साबूदाना बड़ा के दो सर्विलांस नमूने संकलित किए गए। वहीं 12 अक्टूबर को खैरागढ़ के गोलबाजार क्षेत्र स्थित मेसर्स न्यू फेमस बाजार का निरीक्षण कर फलाहार में उपयोग होने वाली इंस्टेंट इडली, सिंघाड़ा आटा एवं साबूदाना के तीन विधिक नमूने तथा खम्मन ढोकला आटा का एक सर्विलांस नमूना संकलित किया गया।

इस प्रकार अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 12 नमूने संकलित किए गए हैं, जिनमें आठ विधिक एवं चार सर्विलांस नमूने शामिल हैं। संकलित नमूनों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप परीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

‘हर लेबल कुछ कहता हैÓ अभियान से उपभोक्ताओं को किया जा रहा जागरूक

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निरीक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। ‘हर लेबल कुछ कहता हैÓ अभियान के माध्यम से नागरिकों को पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, खाद्य सामग्री की संरचना, निर्माता का विवरण तथा एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं शुद्धता के प्रति सजग रहने तथा संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी संबंधित विभाग को देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

मिलावट रोकने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने निरीक्षण अभियान रहेगा जारी

खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे ने बताया कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा मिलावटी एवं अमानक खाद्य सामग्री के विक्रय पर रोकथाम के उद्देश्य से निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्रवाई लगातार की जा रही है। विशेष रूप से त्योहारी अवसरों पर अधिक उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों एवं फलाहार सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का विक्रय करने की अपील की।

जिले में आम नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा विशेष सघन प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्रवाई सतत जारी रहेगी।

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