क्रेशर प्लांट हादसे में चार की मौत, पांच पर मुकदमा दूसरे दिन पसरा रहा सन्नटा
*श्रमिक सुरक्षा पर सवाल बंद खदान में होता रहा खनन
मीरजापुर। जिले में स्थित अहरौरा के भगवती देई में शनिवार को हुए क्रेशर प्लांट हादसे में चाय श्रमिकों की मौत के बाद रविवार को दूसरे दिन सन्नाटा खामोशी छाया रहा है। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के जांच पड़ताल के लिए आने का क्रम जारी रहा है। दूसरी ओर पुलिस ने अहरौरा खनन क्षेत्र में 4 मजदूरों की मौत मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। खदान मालिक, ब्लास्टिंग कर्ता पर मुकदमा दर्ज करते हुए क्रशर प्लांट मालिक और अज्ञात पर भी केस दर्ज किया है खदान मालिक मधुसूदन सिंह, ब्लास्टिंग कर्ता मनोज यादव क्रशर प्लांट मालिक शिव कुमार उर्फ पिंटू पटेल पर केस दर्ज करते हुए
विनोद पटेल, आनंद पटेल, अज्ञात के खिलाफ भी मृतक के परिजन की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि मधुसूदन सिंह के खदान में ब्लास्टिंग के चलते बगल में ब्लास्टिंग से सील क्रशर प्लांट का जर्जर कमरा गिरा। जहां मौजूद सोनभद्र जिले के चार मजदूरों की मौत हो गई। सील क्रशर प्लांट पर पिंटू पटेल काम करवाता था।
राजनीतिक संरक्षण और दबाव के चलते पिंटू पटेल का जहां दबदबा रहा है वहीं वह हादसे के बाद फरार बताया जा रहा है। अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई में हुई थी इस बड़ी घटना के बाद चारों तरफ मातम का माहौल बना होने के साथ चट्टी चौराहे पर बस एक ही बात को लेकर चर्चा होती रही है कि जब क्रेशर प्लांट को सील कर दिया गया था तो वह चल कैसे रहा था, क्यों वहां मजदूरों को लगाया गया था, दूसरे खदान में ब्लास्टिंग करने से पूर्व आस-पास के लोगों को हटाया क्यों नहीं गया था? यदि मौके से ब्लास्टिंग पूर्व श्रमिकों को हटा दिया गया होता तो शायद आज वह जिंदा होते ऐसे अनगिनत सवालों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से लगाए खनन विभाग के अधिकारियों और खदानों में सुरक्षा को लेकर गुमराह करने वाले मुलाजिमों को कटघरे में खड़ा करते हुए पूरे अहरौरा क्षेत्र के खनन क्रेशर कारोबार को मौत का कारोबार करार दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक खनन और क्रेशर कारोबार से जुड़े हुए लोगों के लाइफ स्टाइल को देख तथा स्थानीय रहवासियों से लेकर यहां काम करने वाले श्रमिकों के जीवन स्तर को देख सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कौन कितना समृद्ध शाली हुआ है?
मीरजापुर। जिले में स्थित अहरौरा के भगवती देई में शनिवार को हुए क्रेशर प्लांट हादसे में चाय श्रमिकों की मौत के बाद रविवार को दूसरे दिन सन्नाटा खामोशी छाया रहा है। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के जांच पड़ताल के लिए आने का क्रम जारी रहा है। दूसरी ओर पुलिस ने अहरौरा खनन क्षेत्र में 4 मजदूरों की मौत मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। खदान मालिक, ब्लास्टिंग कर्ता पर मुकदमा दर्ज करते हुए क्रशर प्लांट मालिक और अज्ञात पर भी केस दर्ज किया है खदान मालिक मधुसूदन सिंह, ब्लास्टिंग कर्ता मनोज यादव क्रशर प्लांट मालिक शिव कुमार उर्फ पिंटू पटेल पर केस दर्ज करते हुए
विनोद पटेल, आनंद पटेल, अज्ञात के खिलाफ भी मृतक के परिजन की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि मधुसूदन सिंह के खदान में ब्लास्टिंग के चलते बगल में ब्लास्टिंग से सील क्रशर प्लांट का जर्जर कमरा गिरा। जहां मौजूद सोनभद्र जिले के चार मजदूरों की मौत हो गई। सील क्रशर प्लांट पर पिंटू पटेल काम करवाता था।
राजनीतिक संरक्षण और दबाव के चलते पिंटू पटेल का जहां दबदबा रहा है वहीं वह हादसे के बाद फरार बताया जा रहा है। अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई में हुई थी इस बड़ी घटना के बाद चारों तरफ मातम का माहौल बना होने के साथ चट्टी चौराहे पर बस एक ही बात को लेकर चर्चा होती रही है कि जब क्रेशर प्लांट को सील कर दिया गया था तो वह चल कैसे रहा था, क्यों वहां मजदूरों को लगाया गया था, दूसरे खदान में ब्लास्टिंग करने से पूर्व आस-पास के लोगों को हटाया क्यों नहीं गया था? यदि मौके से ब्लास्टिंग पूर्व श्रमिकों को हटा दिया गया होता तो शायद आज वह जिंदा होते ऐसे अनगिनत सवालों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से लगाए खनन विभाग के अधिकारियों और खदानों में सुरक्षा को लेकर गुमराह करने वाले मुलाजिमों को कटघरे में खड़ा करते हुए पूरे अहरौरा क्षेत्र के खनन क्रेशर कारोबार को मौत का कारोबार करार दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक खनन और क्रेशर कारोबार से जुड़े हुए लोगों के लाइफ स्टाइल को देख तथा स्थानीय रहवासियों से लेकर यहां काम करने वाले श्रमिकों के जीवन स्तर को देख सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कौन कितना समृद्ध शाली हुआ है?

